इस वीडियो में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि व्रत या उपवास वैज्ञानिक रूप से भी रख जाता है और अध्यात्मिक रूप से भी. इसका मूल उद्देश्य वैज्ञानिक रूप से शरीर को स्वस्थ्य रखना होता है. अध्यात्मिक रूप से व्रत से मन और आत्मा को नियंत्रित किया जाता है. अलग अलग तिथियां अलग अलग तरह से मन और शरीर पर असर डालती हैं.