इस वीडियो में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि नौकरी का सबसे महत्वपूर्ण ग्रह है शनि. इसके बाद सूर्य बुध और राहु केतु की भूमिका आती है. कुंडली का छठवां भाव नौकरी का होता है और ग्यारहवां तथा बारहवां भाव भी नौकरी में भूमिका निभाता है. अलग-अलग क्षेत्रों के अलग-अलग ग्रह होते हैं. इनको मजबूत करके सरलता से नौकरी पाई जा सकती है.
इस वीडियो में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि शनि एक राशि में लगभग ढाई वर्ष तक रहता है. जब किसी राशि से बारहवें जाता है तो साढ़ेसाती शुरू हो जाती है और जब राशि से दूसरे भाव से निकलता है तो साढ़ेसाती समाप्त हो जाती है. जब लगातार एक राशि को शनि साढ़े सात साल तक प्रभावित करता है तो इसको साढ़ेसाती कहा जाता है.
इस वीडियो में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि चरित्र का ग्रह कनेक्शन क्या है. कौन से ग्रह चरित्र की समस्या देते हैं. इसके साथ ही यह भी बता रहे हैं कि अपयश कब मिलता है. वक्री शुक्र का क्या पड़ता है. चरित्र दोष से बचने के उपाय क्या हैं.
इस वीडियो में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि बृहस्पति की विवाह में भूमिका क्या है. क्या बृहस्पति विवाह में समस्या देता है. इसके साथ ही यह भी बता रहे हैं कि बृहस्पति विवाह को कैसे प्रभावित करता है.
इस वीडियो में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि बालों का सम्बन्ध मुख्य रूप से बुध और शुक्र से होता है. बुध के कमजोर होने पर बालों के रोगों का सामना करना पड़ता है. शुक्र के कमजोर होने पर बालों की सुन्दरता प्रभावित होती है. अगर बालों को बेहतर करना है और सुन्दर भी बनाना है तो दोनों ही ग्रहों को मजबूत करना होगा.
इस वीडियो में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि कुंडली का तीसरा छठवां और ग्यारहवां भाव पराक्रम का होता है. इन भावों के मजबूत होने पर व्यक्ति कर्मठ होता है जबकि इन भावों के कमजोर होने पर व्यक्ति आलसी हो जाता है. शनि कमजोर हो तो आलस्य की सम्भावना ज्यादा होती है. अग्नि तत्व के कमजोर होने पर भी व्यक्ति के अंदर आलस्य आ जाता है. चन्द्रमा और शुक्र भी आलस्य में बड़ी भूमिका निभाते हैं. जल और वायु की राशियों में आलस्य की संभावना ज्यादा होती है.
इस वीडियो में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि नवग्रहों में सूर्य के बाद ज्योतिष में सर्वाधिक महत्वपूर्ण ग्रह है. चन्द्रमा ज्योतिष में चन्द्रमा के बिना कोई गणना नहीं की जा सकती है. चन्द्रमा गुरुत्वाकर्षण शक्ति और सारी पृथ्वी के जल तत्त्व को नियंत्रित करता है. मानव का मन और भावनायें चन्द्रमा का ही क्षेत्र है. चन्द्रमा को नियंत्रित करके मानसिक स्थिति को उत्तम किया जा सकता है. चन्द्रमा को नियंत्रित करने के लिए चंद्रशेखर भगवान शिव की आराधना की जाती है.
इस वीडियो में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि स्वाद का सम्बन्ध हमारे दूसरे भाव से है, जहां से हमारे जुबान की स्थिति देखी जाती है. इसी भाव से हमारी आंखें, हमारा धन और हमारी वाणी भी देखी जाती है जिस तरह का हमारा स्वाद होता है. उस तरह के ग्रह का प्रभाव उस स्थान पर होता है और उसी ग्रह के आधार पर हम धन , वाणी और आँखों की स्थिति जान सकते हैं.
इस वीडियो में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि कोई भी बुरी घटना आकस्मिक रूप से घट जाए तो वह दुर्घटना है. दुर्घटना केवल चोट चपेट या शारीरिक ही नहीं होती है. कभी-कभी अन्य तरीके से भी दुर्घटना घट सकती है. दुर्घटना आर्थिक और मानसिक भी हो सकती है. सूर्य और चन्द्रमा दुर्घटना के सबसे बड़े जिम्मेदार होते हैं. इसके बाद राहु, मंगल और शनि आते हैं. बृहस्पति, शुक्र और शुभ बुध चन्द्र दुर्घटनाओं से रक्षा करते हैं.
इस वीडियो में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि मान सम्मान के लिए क्या करना चाहिए. मान सम्मान के लिए किस देवता की पूजा करें. इसके साथ ही यह भी बता रहे हैं कि मान सम्मान के लिए कौन-कौन से उपाय करने चाहिए.
इस वीडियो में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि मंगल का खतरनाक राशि परिवर्तन क्या है. राशि परिवर्तन पर क्या-क्या होता है. इसके साथ ही यह भी बता रहे हैं कि मंगल के राशि परिवर्तन के समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.