scorecardresearch

गुडलक टुडे

गुडलक टुडे: क्या है गुरु चांडाल योग? जानें

22 अक्टूबर 2021

ज्योतिष में नकारात्मक योग भी होते हैं और शुभ योग भी. सबसे बड़े नकारात्मक योगों में से एक योग "गुरु-चांडाल" योग है. अगर कुंडली में राहु बृहस्पति एक साथ हों तो यह योग बन जाता है. कुंडली में कहीं भी यह योग बनता हो हमेशा नुकसान ही करता है. अगर यह लग्न,पंचम या नवम भाव में हो तो विशेष नकारात्मक होता है. गुरु चांडाल योग का अगर समय पर उपाय न किया जाय तो कुंडली के तमाम शुभ योग भंग हो जाते हैं. यह व्यक्ति के शुभ गुणों को घटा देता है और नकारात्मक गुण बढ़ा देता है. देखें गुडलक टुडे.

गुडलक टुडे: क्या है कार्तिक मास की महिमा? जानें

21 अक्टूबर 2021

वैसे तो हर माह की अपनी अलग खूबी होती है परंतु हिन्दू धर्म में कार्तिक मास अत्यधिक पवित्र महीना माना जाता है. यह चातुर्मास का अंतिम मास है, इसी माह से देव तत्व मजबूत होता है. इस महीने में धन और धर्म दोनों से सम्बंधित प्रयोग किये जाते हैं. इसी महीने में तुलसी का रोपण और विवाह सर्वोत्तम होता है. इस महीने में दीपदान और दान करने से अक्षय शुभ फल की प्राप्ति होती है. इस बार कार्तिक का महीना 21 अक्टूबर से 19 नवम्बर तक रहेगा. आज गुडलक टुडे में पंडित शैलेंद्र पांडेय कार्तिक मास की महिमा बता रहें हैं. देखें.

गुडलक टुडे: क्या है दान का महत्व? जानें

20 अक्टूबर 2021

दान को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. ये मात्र रिवाज़ के लिए नहीं किया जाता बल्कि दान करने के पीछे विभिन्न धार्मिक उद्देश्य छिपे हैं. कई बार ग्रहों के दोषों का निवारण भी दान देकर किया जा सकता है. आयु रक्षा और स्वास्थ्य के लिए तो दान को अचूक माना जाता है. ग्रहों की पीड़ा से मुक्ति पाने के लिए भी दान करना लाभदायक होता है. अलग अलग वस्तुओं के दान से अलग अलग तरह की समस्याएं दूर हो जाती हैं. परन्तु बिना सोचे समझे गलत दान से काफी नुक्सान हो सकता है. देखें गुडलक टुडे.

गुडलक टुडे: शरद पूर्णिमा का महत्व, चंद्रमा से होगी अमृत की वर्षा

19 अक्टूबर 2021

गुडलक टुडे के हमारे खास कार्यक्रम में आज बात होगी शरद पूर्णिमा की महिमा की. इस दिन को बहुत ही दिव्य और शुभकारी माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन चन्द्रमा से अमृत की वर्षा होती है, चन्द्रमा इस दिन संपूर्ण, सोलह कलाओं से युक्त होता है और इस दिन विशेष प्रयोग करके आप अपनी मनोकामना पूरी कर सकते हैं. शरद पूर्णिमा से जुड़ी हर जानकारी देंगे आपको लेकिन पहले जान लेतें हैं गुडलक मंत्र के बारे में.

सूर्य के तुला राशि में प्रवेश से आपकी राशि पर क्या होगा असर, जानें

17 अक्टूबर 2021

सूर्य देव 17 अक्टूबर को तुला राशि में प्रवेश कर रहे हैं. इस राशि में सूर्य की स्थिति सबसे कमजोर होती है. इस बार सूर्य पर शनि की दृष्टि भी होगी. सूर्य देव को नवग्रहों में सबसे बड़ा ग्रह माना जाता है. कुंडली में यदि सूर्य मजबूत हो तो उच्च पद और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है. वहीं, अगर सूर्य कमजोर है तो स्वास्थ्य संबंधी समस्या का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में सूर्य देव का तुला राशि में प्रवेश सभी राशियों को प्रभावित करेगा. आज गुडलक टुडे में जानिए सूर्य के तुला राशि में प्रवेश से आपकी राशि पर क्या असर होगा.

इस दिन से शुरू होगा कार्तिक का महीना, खानपान में बरतें ये सावधानियां

16 अक्टूबर 2021

वैसे तो हर माह की अपनी अलग खूबी होती है परंतु हिन्दू धर्म में कार्तिक मास अत्यधिक पवित्र महीना माना जाता है. यह चातुर्मास का अंतिम मास है, इसी माह से देव तत्व मजबूत होता है. इस महीने में धन और धर्म दोनों से सम्बंधित प्रयोग किये जाते हैं. इसी महीने में तुलसी का रोपण और विवाह सर्वोत्तम होता है. इस महीने में दीपदान और दान करने से अक्षय शुभ फल की प्राप्ति होती है. इस बार कार्तिक का महीना 21 अक्टूबर से 19 नवम्बर तक रहेगा. आज गुडलक स्पेशल में पंडित शैलेंद्र पांडेय कार्तिक मास की महिमा और इस महीने में खान पान और जीवनचर्या के नियम बता रहें हैं. देखें.

क्या है पापांकुशा एकादशी का महत्व? गुडलक टुडे में जानें

16 अक्टूबर 2021

व्रतों में प्रमुख व्रत नवरात्रि, पूर्णिमा, अमावस्या तथा एकादशी के हैं. उसमे भी सबसे बड़ा व्रत एकादशी का माना जाता है. वैसे तो हर एकादशी अपने आप में महत्वपूर्ण है. परन्तु पापांकुशा एकादशी स्वयं के साथ साथ दूसरों को भी लाभ पंहुचाती है. इस एकादशी पर भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरुप की उपासना होती है. पापांकुशा एकादशी के व्रत से मन शुद्ध होता है. व्यक्ति के पापों का प्रायश्चित होता है. साथ ही माता, पिता और मित्र की पीढ़ियों को भी मुक्ति मिलती है. इस बार पापांकुशा एकादशी 16 अक्टूबर को है. देखें गुडलक टुडे.

क्या है दशहरे का महत्व और मान्यता? गुडलक टुडे में जानें

15 अक्टूबर 2021

मां के नौ स्वरूपों की आराधना के बाद दशमी तिथि आती है और इसी दिन मूर्ति के विसर्जन की भी परंपरा है. दशमी तिथि को विजयादशमी भी कहते है. विजयादशमी यानि दशहरा, असत्य पर सत्य की जीत का पर्व. पौराणिक मान्यता है कि इस दिन प्रभु श्रीराम ने रावण का वध करके इस पृथ्वी से पाप का नाश किया था. इसी दिन नवरात्रि की समाप्ति भी होती है और इसी दिन देवी की प्रतिमा का विसर्जन भी होता है. इस बार दशहरे का पर्व 15 अक्टूबर को है. इस दिन अगर कुछ विशेष प्रयोग किये जाएं तो अपार धन की प्राप्ति हो सकती है. गुडलक टुडे में जानें दशहरे का महत्व और पूजा विधि.

नवमी तिथि पर कैसे करें मां सिद्धिदात्री की पूजा, गुडलक टुडे में जानें

14 अक्टूबर 2021

नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. इस बार शारदीय नवरात्र में एक तिथि की क्षय होने की वजह से 8 दिन का ही नवरात्र है. 7 अक्टूबर से शुरू हुए शारदीय नवरात्र का कल नौवां दिन है. नवरात्रि के नौवें दिन देवी दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से भक्तों की सभी तकलीफें दूर हो जाती हैं. मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से यश, बल और धन की प्राप्ति होती है. गुडलक टुडे में जानें मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि.

नवरात्रि की अष्टमी तिथि का क्या है महत्व, गुडलक टुडे में जानें

13 अक्टूबर 2021

नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. ज्‍योतिषीय गणना कहती है कि नवरात्र का पहला दिन और अंतिम दिन तय करता है कि नवरात्र में मां का आगमन किस सवारी पर होगा और मां की विदाई किस वाहन पर होगी. इस बार शारदीय नवरात्र में एक तिथि की क्षय होने की वजह से 8 दिन का ही नवरात्र है. 7 अक्टूबर से शुरू हुए शारदीय नवरात्र का कल आठवां दिन है. नवरात्रि के आठवें दिन मां अंबे के महागौरी स्वरूप की पूजा होती है. नवरात्रि के दो दिन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माने जाते हैं, अष्टमी तिथि और नवमी तिथि. गुडलक टुडे में जानें क्या है अष्टमी तिथि का महत्व.

गुडलक टुडे: नवरात्रि में धन प्राप्ति के क्या हैं उपाय?

12 अक्टूबर 2021

नवरात्रि के पावन दिन चल रहे हैं. मान्यता है नवरात्र में मां की आराधना करने से धन की प्रात्ति भी होती है. आखिर वो कौन सी विधि है, जिसको करने से धन धान्य की कमी नहीं होगी. धन का प्रवाह बना रहेगा. धन की चाहत पूरी करने के लिए नवरात्रि में देवी की पूजा लाल फूलों से करनी चाहिये. साथ ही नियमित रूप से देवी की आरती करनी चाहिए. बात आपके राशियों की भी होगी. देखें गुडलक टुडे, रेखा कड़ाकोटि और पंडित शैलेंद्र पांडेय के साथ.