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Somvati Amavasya: सोमवती अमावस्या के अचूक उपाय, शादी के शुभ मुहूर्त और गृह प्रवेश पर ग्रहों का प्रभाव

हिंदू पंचांग के अनुसार 15 जून को अधिक मास समाप्त हो रहा है, जिसके साथ ही सोमवती अमावस्या का महासंयोग बन रहा है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान और पितृ तर्पण का विशेष महत्व है. अधिक मास की समाप्ति के बाद विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 21 जून से 11 जुलाई के बीच विवाह के कई शुभ मुहूर्त हैं, जिनमें देवगुरु बृहस्पति, शुक्र और बुध की अनुकूल स्थिति फलदायी रहेगी. मेष, कर्क, मकर और मीन राशि के जातकों के लिए यह समय विवाह हेतु अत्यंत शुभ है. इसके बाद 25 जुलाई से चतुर्मास शुरू होने के कारण अगले चार महीनों तक शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी. जून और जुलाई में सर्वार्थ सिद्धि योग और 18 जून को गुरु पुष्य योग जैसी महत्वपूर्ण तिथियां आ रही हैं, जिनमें विशेष पूजा और महामृत्युंजय मंत्र का जाप नौकरी, व्यापार और स्वास्थ्य में सफलता दिला सकता है.