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मकर संक्रांति पर 100 साल बाद बन रहा पंचग्रही योग, जानिए शुभ संयोग और राशियों पर इसका असर

12 जनवरी 2026

साल 2026 में मकर संक्रांति का पर्व ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत विशेष और दुर्लभ संयोगों से भरा है. इस वर्ष लगभग 100 वर्षों के बाद 'पंचग्रही योग' का निर्माण हो रहा है, जिसमें सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और चंद्रमा एक साथ मकर राशि में विराजमान होंगे. इसके साथ ही, करीब 22 साल बाद मकर संक्रांति (14 जनवरी) और षटतिला एकादशी एक ही दिन पड़ रही हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है. इन महासंयोगों के साथ-साथ सर्वसिद्धि, अमृत सिद्धि और शुक्रादित्य जैसे अन्य राजयोग भी बन रहे हैं, जो स्नान, दान और पूजा के पुण्य फल को कई गुना बढ़ा देंगे. हालांकि, एकादशी के कारण 14 जनवरी को चावल का सेवन और दान वर्जित होने तथा 15 जनवरी को गुरुवार होने से खिचड़ी की परंपरा को लेकर उलझन है. जानकारों ने 17 जनवरी, शनिवार को खिचड़ी बनाने और दान करने को शुभ बताया है.

सोमनाथ में मनाया गया स्वाभिमान पर्व, शौर्य यात्रा में शामिल हुए PM मोदी

11 जनवरी 2026

गुड न्यूज़ टुडे में आपका स्वागत है। आज के मुख्य समाचारों में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ धाम में एक भव्य शौर्य यात्रा में भाग लिया। यह आयोजन सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का हिस्सा था। पीएम मोदी ने सोमनाथ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और महाभिषेक किया और फिर शौर्य सभा को संबोधित करने के लिए सद्भावना ग्राउंड पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वीर हमीरजी सर्किल पर शहीदों को नमन भी किया। बुलेटिन में आगे, आगामी कॉमेडी फिल्म 'वन टू चाचा चा' के निर्देशक अभिषेक राज ने खुलासा किया कि फिल्म की प्रेरणा एक वास्तविक जीवन की घटना से मिली है। इसके अलावा, उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड जारी है, मौसम विभाग ने 19 जनवरी के बाद राहत की उम्मीद जताई है।

14 या 15 जनवरी कब मनाया जाएगा मकर संक्राति पर्व? ज्योतिषियों ने बताया त्यौहार का शुभ मुहूर्त

11 जनवरी 2026

मकर संक्रांति की तिथि को लेकर उलझन है कि पर्व 14 जनवरी को मनाया जाए या 15 जनवरी को. ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी को दोपहर में हो रहा है, जिसके चलते कई पंचांग इसी दिन पर्व मनाने की सलाह दे रहे हैं. वहीं, कुछ विशेषज्ञ उदया तिथि के आधार पर 15 जनवरी को इसे मनाना शास्त्रसम्मत मानते हैं. इस चर्चा में यह भी बताया गया कि 14 जनवरी को एकादशी होने के कारण चावल का सेवन वर्जित है, जबकि दान-पुण्य अगले दिन भी किया जा सकता है. मकर संक्रांति पर स्नान, दान और खिचड़ी का विशेष महत्व है. विशेषज्ञों ने तिल, चावल, दाल और वस्त्रों का दान लाभकारी बताया है. अंततः, श्रद्धालुओं को अपने क्षेत्र, पारिवारिक परंपरा और विवेक के अनुसार तिथि का चयन करने की सलाह दी गई है.

सोमनाथ में पीएम मोदी ने बजाया डमरू, शौर्य यात्रा में हुए शामिल

11 जनवरी 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ धाम में तीन दिवसीय दौरे के दौरान 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के समापन समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर आयोजित एक भव्य शौर्य यात्रा में पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उप मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी के साथ हिस्सा लिया, जहां उन्होंने डमरू बजाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। यह पर्व सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया गया। इस बुलेटिन में अन्य प्रमुख खबरों पर भी प्रकाश डाला गया, जिसमें गणतंत्र दिवस परेड 2026 में पहली बार लद्दाख के बैक्ट्रियन ऊंटों के शामिल होने की जानकारी दी गई। साथ ही, फीफा विश्व कप ट्रॉफी के 12 साल बाद भारत आगमन और दिल्ली में इसके अनावरण की खबर भी शामिल है, जिसमें केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, गुजरात में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव और अमिताभ बच्चन के एक प्रशंसक की अनूठी कहानी भी दिखाई गई।

दिल्ली की सर्द रातों में फुटपाथ पर सोने को मजबूर बेघर, पुलिस कर रही मदद

11 जनवरी 2026

दिल्ली की जमा देने वाली सर्दी में हज़ारों बेघर लोग फुटपाथ पर सोने को मजबूर हैं, जहां हर पल खतरा है। गुड न्यूज़ टुडे की इस खास रिपोर्ट में मनीषा झा ने इन लोगों की मुश्किलों को बयां किया है। एक बेघर व्यक्ति ने कहा, 'हम गरीब जरूर हैं पर जिंदगी में कभी कुछ गलत नहीं किया। शायद यही वह ताकत है जो हमें जिंदगी जीने का हौसला देती है।' यह रिपोर्ट दिखाती है कि कैसे कुछ लोग आसमान को ही अपनी छत और ज़मीन को बिस्तर बनाकर जी रहे हैं। एक बच्चे के पास उसके सपनों के घर की ड्राइंग मिली। इस मुश्किल में दिल्ली पुलिस इन लोगों के लिए मददगार साबित हो रही है, जो उन्हें रैन बसेरों तक पहुंचा रही है। यह कहानी गरीबी, मजबूरी और इंसानियत की एक मार्मिक तस्वीर पेश करती है।

हिम्मत की मिसाल बनीं ये लड़कियां, एसिड अटैक के बाद कैसे बनीं दूसरों के लिए प्रेरणा?

11 जनवरी 2026

यह कहानी दर्द से शुरू होकर हिम्मत, संघर्ष और आत्मनिर्भरता पर आकर ठहरती है। यह उन एसिड अटैक सर्वाइवर्स की कहानी है जिन्होंने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी मुश्किल के आगे घुटने नहीं टेके। एक सर्वाइवर कहती हैं, 'चेहरा तुम बंद करो मुझे बंद करने की जरूरत नहीं है, आंखें तुम्हारी गंदी है, मेरी आंखें बहुत साफ है तो मैं ऐसे ही चलूंगी और ऐसे ही रहूंगी।' इस रिपोर्ट में कई महिलाओं ने अपनी आपबीती साझा की, जिसमें किसी को उसके पति ने, किसी को सौतेली माँ ने, तो किसी को पड़ोसी ने एसिड से जला दिया। इन महिलाओं ने छांव फाउंडेशन और सिरोज हैंगआउट कैफे के माध्यम से न केवल एक नया जीवन शुरू किया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की। इनमें से एक महिला को एक दिन के लिए जिले का डीएम भी बनाया गया, तो किसी ने 'छपाक' जैसी फिल्म में भी काम किया। ये सभी अब आत्मनिर्भर हैं और दूसरों को हौसला दे रही हैं।

बॉडी शेमिग का मेंटल हेल्थ पर पड़ रहा असर, एम्स-ICMR की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

11 जनवरी 2026

एम्स और आईसीएमआर की हालिया स्टडी ने खुलासा किया है कि अच्छा दिखने का दबाव युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है. अध्ययन के अनुसार, लगभग 30% मोटे और 15% अधिक वजन वाले युवाओं में बॉडी इमेज को लेकर गहरी चिंता देखी गई है. यह समस्या सिर्फ मोटापे तक सीमित नहीं, बल्कि दुबलेपन से ग्रस्त युवा भी बॉडी इमेज एंजाइटी का सामना कर रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, परिवार, दोस्तों और सोशल मीडिया पर होने वाली बॉडी शेमिंग से युवाओं में लो सेल्फ-एस्टीम, डिप्रेशन और एंजाइटी बढ़ रही है. इस विषय पर मनोवैज्ञानिक डॉ. निशा खन्ना, न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. कनिका मल्होत्रा और लाइफस्टाइल कोच मीनल दत्ता ने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के संतुलन पर जोर दिया. डॉ. खन्ना ने तनाव प्रबंधन के लिए 'S-T-R-E-S-S' फॉर्मूला (स्पोर्ट्स, ट्रिप्स, एंटरटेनमेंट, ईटिंग हैबिट्स, शेयरिंग, साउंड स्लीप) अपनाने की सलाह दी. विशेषज्ञों का मानना है कि सुंदरता से ज्यादा स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और फिटनेस पर ध्यान देना आवश्यक है.

बॉडी शेमिग का मेंटल हेल्थ पर पड़ रहा असर, एम्स-ICMR की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

11 जनवरी 2026

एम्स और आईसीएमआर की एक हालिया स्टडी ने युवाओं में बढ़ती 'बॉडी इमेज एंग्जायटी' को लेकर चिंताजनक खुलासा किया है. इस अध्ययन में 18 से 30 साल के 1071 युवाओं को शामिल किया गया. एम्स के प्रोफेसर, डॉ. पीयूष रंजन के नेतृत्व में हुई इस रिसर्च के अनुसार, मोटापे से ग्रस्त युवा, सामान्य वजन वालों की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा बॉडी इमेज एंग्जायटी का सामना करते हैं. डॉ. रंजन ने बताया कि वेट मैनेजमेंट प्रोग्राम अक्सर इसलिए असफल होते हैं क्योंकि उनमें व्यक्ति की साइकोलॉजी और आसपास के ओबेसोजेनिक माहौल को नजरअंदाज किया जाता है. मनोवैज्ञानिक डॉ. निशा खन्ना के अनुसार, बॉडी शेमिंग की शुरुआत बचपन में ही हो जाती है, जो आगे चलकर लो सेल्फ-एस्टीम और डिप्रेशन का कारण बनती है. विशेषज्ञों ने तनाव को मोटापे का एक बड़ा कारण बताते हुए प्राणायाम और मेडिटेशन युक्त एक संतुलित जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया है.

पीएम मोदी के कार्यक्रम में गूंजा शिव का डमरू, विशेषज्ञ ने समझाया 14 महेश्वर सूत्रों का रहस्य

11 जनवरी 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर पर 1026 में हुए आक्रमण के 1000 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में भाग लिया. 8 से 11 जनवरी तक चले इस आयोजन में प्रधानमंत्री एक भव्य शौर्य यात्रा में शामिल हुए, जहां उन्होंने डमरू भी बजाया. इस अवसर पर बटुक ब्राह्मणों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया, जो गुरुकुल परंपरा के तहत पूरी सृष्टि के कल्याण की कामना का प्रतीक है. डमरू की ध्वनि का सांस्कृतिक महत्व गहरा है, क्योंकि माना जाता है कि इसी से निकले 14 महेश्वर सूत्रों से संस्कृत व्याकरण और देवनागरी लिपि का आधार बना. प्रधानमंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में महाभिषेक और महाआरती भी की. उन्होंने देश के युवाओं से अपनी धरोहरों की रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया ताकि विनाशकारी ताकतों को नाकाम किया जा सके. इस पर्व के दौरान ड्रोन शो और सामूहिक ओम मंत्र जाप जैसे कार्यक्रम भी हुए.

सोमनाथ में पीएम मोदी: 1000 साल पुराने इतिहास की याद में शौर्य यात्रा में हुए शामिल, बजाया डमरू

11 जनवरी 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ धाम में आयोजित 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में हिस्सा लिया. यह कार्यक्रम 1026 में महमूद गजनबी द्वारा मंदिर पर हुए हमले के 1000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में सोमनाथ के गौरव और स्वाभिमान के प्रतीक के रूप में मनाया गया. इस अवसर का एक मुख्य आकर्षण 'शौर्य यात्रा' रही, जिसमें 108 घुड़सवार शामिल हुए, जो मंदिर की रक्षा में शहीद हुए स्थानीय योद्धाओं को श्रद्धांजलि का प्रतीक है. प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ महादेव के दर्शन कर महाभिषेक, महाआरती और ॐकार महाजाप में भाग लिया. उन्होंने एक ड्रोन शो और आतिशबाजी का भी अवलोकन किया. इस चार दिवसीय उत्सव में देश के 20 राज्यों से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं. यह आयोजन सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने से ठीक पहले हो रहा है, जिसे 11 मई 1951 को प्रतिष्ठित किया गया था.

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए पीएम मोदी, ड्रोन से आसमान में दिखा अद्भुत नजारा

10 जनवरी 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होकर पूजा-अर्चना की, इस दौरान 3000 ड्रोन से सोमनाथ के इतिहास को प्रदर्शित किया गया। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में संगम में आस्था की डुबकी लगाई और तैयारियों का जायजा लिया। एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, भारतीय नौसेना उत्तरी बंगाल की खाड़ी में निगरानी बढ़ाने के लिए पश्चिम बंगाल के हल्दिया में एक नया नौसैनिक अड्डा स्थापित करेगी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने घोषणा की कि पोंगल को अब 'द्रविड़ पोंगल' के रूप में मनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य समानता को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार ने दिल्ली में आयोजित एक समारोह में वीरता पुरस्कार प्रदान किए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जयपुर में नव नियुक्त पुलिस कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र सौंपे।