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GNT स्पेशल

मां शैलपुत्री की पूजा, हिंदू नववर्ष का आगाज और देशभर में आस्था का सैलाब

18 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही 19 मार्च से हिंदू नववर्ष भी प्रारंभ हो रहा है। देशभर के मंदिरों में मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा होती है। मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री मानी जाती हैं और इन्हें सफेद फूलों का हार तथा सफेद वस्त्र अर्पित किया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार महिषासुर के वध के लिए देवताओं की शक्तियों से माँ दुर्गा प्रकट हुई थीं। नौ दिनों की लड़ाई के बाद दसवें दिन महिषासुर का वध हुआ। दिल्ली के कालकाजी मंदिर समेत देशभर के शक्तिपीठों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के नौ स्वरूपों की उपासना से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवरात्रि व्रत के दौरान राजगीरे का चीला, कुट्टू का आटा, समक के चावल और मखाना जैसे सात्विक आहार का सेवन करना चाहिए।

पहाड़ों पर मौसम ने लिया यू-टर्न, देखिए मौसम के बदले मिजाज पर खास रिपोर्ट

18 मार्च 2026

मार्च के महीने की शुरुआत तो जबरदस्त गर्मी के साथ हुई. लेकिन पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला बदला सा है और ऐसा बदला है कि पहाडों पर बर्फबारी हो रही है. हिमाचल प्रदेश के डलहौज़ी, मनाली और कुल्लू में मार्च में हुई अचानक बर्फबारी ने पहाड़ों को फिर से जन्नत जैसा बना दिया है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश ने ना सिर्फ सैलानियों को रोमांचक अनुभव दिया है...बल्कि किसानों के लिए भी राहत लेकर आया है. आज आपको ना सिर्फ हिमाचल बल्कि उत्तराखंड में बर्फबारी की खूबसूरत तस्वीरें दिखाएंगे. साथ ही राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर का हाल बताएंगे जहां पश्चिमी विक्षोभ के कारण आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद तापमान गिर गया है. आने वाले दिनों में दिल्ली में बारिश होगी या नहीं, इस पर मौसम विभाग का अनुमान बताएंगे.

चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू, राष्ट्रपति मुर्मू अयोध्या-मथुरा-वृंदावन दौरे पर जाएंगी

17 मार्च 2026

चैत्र नवरात्र के पहले दिन, 19 मार्च को अयोध्या के राम मंदिर में एक विशेष आयोजन होने जा रहा है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी. इस अवसर पर राष्ट्रपति मंदिर के द्वितीय तल के गर्भगृह में श्री राम यंत्र की स्थापना करेंगी. यह स्वर्ण जड़ित, चार फीट लंबा और तीन फीट चौड़ा यंत्र दो साल पहले कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती द्वारा अयोध्या भेजा गया था. धर्मशास्त्रों के अनुसार, इस यंत्र पर प्रभु राम के बीज मंत्र अंकित हैं और इसे दिव्य ऊर्जा व आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है. इस आयोजन के लिए मंदिर परिसर में नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान चल रहे हैं और इसमें देशभर से 300 संत, महामंडलेश्वर और लगभग 7000 अतिथि शामिल होंगे. राष्ट्रपति का यह अयोध्या दौरा उनके तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक दौरे का हिस्सा है, जिसमें वह मथुरा-वृंदावन के मंदिरों का भी भ्रमण करेंगी.

चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च से, पहले दिन मां शैलपुत्री की होती है पूजा..देखिए रिपोर्ट

17 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च से हो रहा है. इस बार नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:52 से 7:43 तक है. ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार 19 मार्च को सुबह 6:48 से शाम तक घट स्थापना के लिए कई शुभ मुहूर्त हैं. इनमें सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त दिन में 11:38 से 12:26 तक है जब अभिजीत मुहूर्त और शुभ चौघड़ियां दोनों मिल रही हैं. इस बार नवरात्रि के पहले दिन अमावस्या का संयोग बन रहा है और शुक्ल योग, ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग एक साथ बन रहे हैं. नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है जो स्थिरता और दृढ़ता का प्रतीक हैं.

भजन क्लबिंग में Gen-Z का क्रेज, आध्यात्मिकता और आधुनिकता का फ्यूज़न, युवाओं को दिशा

16 मार्च 2026

भारत में भजन क्लबिंग तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, खासकर युवा पीढ़ी और Gen-Z के बीच। गीतकार साज मल्होत्रा और डॉक्टर प्रखर डागर ने प्राचीन भजनों को गिटार, ड्रम्स, सिंथेसाइज़र जैसे आधुनिक वाद्य यंत्रों के साथ जोड़कर एक अनोखा फ्यूज़न तैयार किया है। साज मल्होत्रा ने कहा कि 'जैसे Maggi मसाला डाल के हम हर खाने को tasty बना देते हैं, ऐसे ही हम techno, EDM और आज के taste का music भजन में डालकर हर भजन को एकदम बढ़िया बनाया है।' यह नाइट क्लब्स का विकल्प बनता जा रहा है जहां युवा हनुमान चालीसा, शिव तांडव स्तोत्र जैसे भजनों पर झूम रहे हैं। दिल्ली के पुराने किले और जयपुर में आयोजित कार्यक्रमों में हर उम्र के लोग शामिल हो रहे हैं। यह आध्यात्मिकता को आधुनिकता के साथ जोड़ने का माध्यम बन रहा है।

जयपुर में भजन क्लबिंग का सुरूर, साज मल्होत्रा और डॉ. प्रखर डागर ने बांधा समा..देखिए रिपोर्ट

16 मार्च 2026

जयपुर में भजन क्लबिंग का एक खास आयोजन हुआ, जिसमें साज मल्होत्रा और डॉ. प्रखर डागर ने पारंपरिक भजनों को आधुनिक संगीत शैली में प्रस्तुत किया. इस इवेंट में हनुमान चालीसा, शिव तांडव स्तोत्र, 108 राम नाम और राधे-राधे जैसे भक्ति गीत शामिल थे. डॉ. प्रखर डागर ने बताया कि भजन क्लबिंग युवा पीढ़ी को आध्यात्म से जोड़ने का एक सुंदर माध्यम है. उन्होंने कहा कि यह एक रेवोल्यूशन है जो लोगों तक भक्ति की शक्ति पहुंचा रहा है. साज मल्होत्रा ने बताया कि वे पॉजिटिविटी फैलाना चाहती हैं. इस कार्यक्रम में ड्रम्स, इलेक्ट्रिक गिटार, बेस गिटार और सिंथ जैसे आधुनिक वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल किया गया. दोनों कलाकार पेशे से डॉक्टर हैं और कोविड के दौरान ऑनलाइन भजन सेशन के माध्यम से करीब आए.

जानें चारधाम यात्रा के नए नियम और क्यों हैं जरूरी, देखिए खास रिपोर्ट

15 मार्च 2026

अक्षय तृतीया से चारधाम यात्रा की शुरुआत होगी, लेकिन इस बार कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। यात्रियों के लिए पहले से registration अनिवार्य किया गया है। Videography और reel बनाने पर रोक लगाई गई है। Helicopter से आने वाले यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था की गई है ताकि लंबी कतारों में प्रतीक्षा न करनी पड़े। Taxi और tour operators के लिए trip card लगाना अनिवार्य होगा, जिस पर यात्री, driver, वाहन मालिक का नाम और number की पूरी जानकारी होगी। मंदिर में भीतरी पूजा पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे अन्य श्रद्धालुओं के दर्शन में बाधा न आए। अनास्थावान लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है। ये सभी नियम भक्तों की सुविधा और आस्था की रक्षा के लिए बनाए गए हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि बद्रीनाथ धाम मोक्ष प्राप्ति का स्थान है, जबकि केदारनाथ धाम में भगवान शिव की आराधना से कष्टों का निवारण होता है।

चित्तौड़गढ़ सांवलिया सेठ मंदिर में फागुन माह में 46 करोड़ से अधिक मिला दान, बना रिकॉर्ड

15 मार्च 2026

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर में फागुन माह के दौरान भक्तों ने दिल खोलकर दान दिया। मंदिर प्रशासन के अनुसार दान पेटियों समेत अन्य माध्यमों से कुल 46 करोड़ 58 लाख 32 हजार 924 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई। इसमें भंडार दान पेटी से 36 करोड़ 57 लाख 87 हजार 642 रुपये मिले जबकि मनी ऑर्डर और ऑनलाइन भेंट से 10 करोड़ 45 हजार 282 रुपये की प्राप्ति हुई। भक्तों ने लगभग 3 किलो सोना और 152 किलो से अधिक चांदी भी अर्पित की। श्रद्धालु मानते हैं कि सांवलिया सेठ की कृपा से हर मनोकामना पूरी होती है। व्यापारी समुदाय विशेष रूप से भगवान को अपना बिजनेस पार्टनर मानता है और मुनाफे का हिस्सा मंदिर में चढ़ाता है। मंदिर की स्थापना लगभग 1840 में हुई थी जब भोला राम गुर्जर को सपने में चार मूर्तियां मिलने का संकेत मिला।

बिहार की थारू आदिवासी महिलाओं की अनोखी बटालियन, जंगल से खाकी तक का सफर

15 मार्च 2026

बिहार के पूर्वी चंपारण में देश की पहली आदिवासी महिला बटालियन का गठन किया गया है। महिला स्वाभिमान बटालियन में सिर्फ थारू जनजाति की महिलाएं शामिल हैं। इस बटालियन का गठन 2012-13 में बिहार सरकार ने किया और 2018 में भर्तियां शुरू हुईं। वर्तमान में 675 महिला कांस्टेबल इस बटालियन में सेवारत हैं जो आठ प्लाटून में बंटी हैं। यह बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) की 23 बटालियनों में से एक है लेकिन इसका कोई नंबर नहीं है क्योंकि यह सबसे खास है। थारू जनजाति मुख्य रूप से पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर में रहती है जहां 2 लाख से अधिक आबादी है। इन महिलाओं को महाराष्ट्र में कमांडो ट्रेनिंग दी गई है। इनकी ड्यूटी VIP सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में लगती है। बटालियन की एक महिला सिपाही ललिता मरांडी ने ड्रैगन बोट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक भी जीता है।

कश्मीर में बसंत का जश्न, 16 मार्च से खुलेगा ट्यूलिप गार्डन, देखिए स्पेशल रिपोर्ट

15 मार्च 2026

कश्मीर की वादियों में मार्च के महीने में बसंत का आगमन हो चुका है। श्रीनगर का प्रसिद्ध बादामबारी उद्यान सफेद और गुलाबी फूलों से सज गया है, जहां हजारों पर्यटक पहुंच रहे हैं। हरि पर्वत की तलहटी में स्थित इस उद्यान में बादाम के पेड़ों पर खिले फूल दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। वहीं जबरवान पहाड़ियों की तलहटी में स्थित एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन 16 मार्च से आम जनता के लिए खोला जाएगा। इस बार करीब 70 से 75 किस्मों के लगभग 18 लाख ट्यूलिप यहां खिलेंगे। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस ट्यूलिप फेस्टिवल का उद्घाटन करेंगे। मार्च में ताजा बर्फबारी ने पहाड़ों को सफेद चादर से ढंक दिया है। डल झील में शिकारे सज गए हैं और सैलानियों की आमद शुरू हो गई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि समय से पहले फूलों का खिलना जलवायु परिवर्तन की ओर इशारा करता है।

एक गोली से दुश्मन कमांडर का खात्मा, LOC-LAC पर भारतीय सेना की तैयारी

14 मार्च 2026

भारतीय सेना, नियंत्रण रेखा (LOC) से लेकर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) तक, अपनी सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए स्नाइपर्स को कठोर प्रशिक्षण दे रही है. 'एक गोली, एक कमांडर' के आदर्श वाक्य के साथ, इन सैनिकों को धैर्य, छलावरण और बेहतर अवलोकन जैसे गुणों में महारत हासिल कराई जाती है. सेना के स्नाइपर ट्रेनिंग कार्यक्रमों में व्यापक बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत महू, गुलमर्ग और मिजोरम में विभिन्न परिस्थितियों के लिए बेसिक और एडवांस कोर्स चलाए जाते हैं. ये स्नाइपर हमेशा जोड़ी में काम करते हैं, जिसमें स्पॉटर लक्ष्य की दूरी और हवा की गति जैसी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है. आधुनिक हथियारों से लैस, भारतीय सेना के स्नाइपर ड्रैगुनोव एसवीयू, .338 लापुआ मैग्नम, सिग सॉर 716 और AK203 जैसी राइफलों का उपयोग करते हैं. विशेष रूप से, 500 मीटर रेंज वाली सिग सॉर 716 कभी जाम नहीं होती, जबकि AK203 इंसास से हल्की और अधिक घातक है. यह भारत के रक्षा क्षेत्र की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है कि अब 'मेड इन इंडिया' स्नाइपर राइफलों का निर्यात भी शुरू हो गया है.