गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर दिल्ली का कर्तव्य पथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सैन्य शक्ति का गवाह बनने के लिए तैयार है। इस वर्ष की परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों की प्रस्तुतियां होंगी। मुख्य आकर्षण 'ऑपरेशन सिंधु' की झांकी होगी, जो पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त शौर्य को प्रदर्शित करती है.
'आज बसंत पंचमी है, विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा का यह पावन दिन है.' इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मां सरस्वती ज्ञान, संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी हैं और उनका स्वरूप मानवीय जीवन को अज्ञानता से विवेक की ओर ले जाता है. इस वर्ष बसंत पंचमी पर गजकेसरी, बुधादित्य और सर्वार्थ सिद्धि जैसे कई दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहे हैं, जो शिक्षा और करियर में सफलता के लिए अत्यंत फलदायी माने जा रहे हैं. कार्यक्रम में मां सरस्वती के 12 चमत्कारी नामों और कुंडली के दोषों को दूर करने के उपायों पर भी चर्चा की गई है.
प्रयागराज के माघ मेले में बसंत पंचमी के अवसर पर चौथा मुख्य स्नान पर्व आयोजित किया जा रहा है. संगम तट पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ रहा है. प्रशासन के अनुमान के अनुसार, इस विशेष अवसर पर करीब 55 से 60 लाख श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा सकते हैं. सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मेला क्षेत्र में 10,000 पुलिस कर्मियों के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस की टुकड़ियां तैनात की गई हैं. प्रशासन ने 3.5 किमी लंबे और कुल 12,500 फीट के स्नान घाट तैयार किए हैं. भीड़ नियंत्रण के लिए सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है. श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु 74 विशेष ट्रेनें चलाई गई हैं और पूरे शहर में साइनेजेस लगाए गए हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, आज के दिन दान-पुण्य करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है. जिलाधिकारी विजय किरण आनंद ने सुरक्षा और सफाई व्यवस्था की पुष्टि की है.
कार्यक्रम में बताया गया कि 'आज अंग्रेजी कैलेंडर वर्ष के हिसाब से रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के 2 साल पूरे हो गए हैं.' इस अवसर पर अयोध्या में भारी उत्साह है और श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. रिपोर्ट में पिछले दो वर्षों की प्रमुख घटनाओं जैसे पहला सूर्य तिलक, दीपोत्सव, और राम दरबार की स्थापना का विवरण दिया गया.
'इस बार बसंत पंचमी के दिन चंद्रमा मीन राशि में प्रवेश करेंगे और चंद्रमा से चतुर्थ भाव में गुरु के होने से गजकेसरी का शुभ संयोग बनेगा.' रिपोर्ट के अनुसार, इस दिन बुधादित्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और शिव योग जैसे कई मंगलकारी संयोग एक साथ बन रहे हैं, जो करियर, शिक्षा और व्यापार में तरक्की के द्वार खोल सकते हैं.बसंत पंचमी को 'अबूझ मुहूर्त' माना जाता है, जिसमें गृह प्रवेश और संपत्ति की खरीद जैसे शुभ कार्यों के लिए अलग से मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती. इसके अलावा, मां सरस्वती की पूजा विधि, पीले वस्त्रों का महत्व और ग्रहों की शांति के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई है.
गुड न्यूज़ टुडे की एंकर शुकुप्ता साहिलदेव ने 77वें गणतंत्र दिवस की तैयारियों पर विशेष रिपोर्ट पेश की है. इस बार कर्तव्य पथ पर उन स्वदेशी हथियारों का प्रदर्शन किया जाएगा जिन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तानी सेना के हौसलों को पस्त किया था. शुकुप्ता साहिलदेव ने बताया कि '77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर भारतीय सेना उन हथियारों का प्रदर्शन करने वाली है, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना के हौसलों को पस्त कर दिया था.
देशभर में गणतंत्र दिवस के रंग दिखने लगे हैं. कहीं स्कूलों में तैयारी हो रही है तो राजधानी दिल्ली गणतंत्र के रंग में रंग गई है. कर्तव्य पथ पर इन दिनों देश की ताकत का तस्वीर दिखी जा सकती है. 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर जवान हुंकार भरेंगे तो पूरी दुनिया हिंदुस्तान की ताकत देखेगीऔर इस भव्य परेड के लिए दिन और रात जवान तैयारी में जुटे हैं. इस बार कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना कुछ खास और अनोखा दिखाने जा रही है. देश पहली बार सेना के ‘मूक योद्धाओं’ को परेड में देखा जाएगा.
मौनी अमावस्या के बाद अब संगम पर इंतजार 23 जनवरी का है। जब एक बार फिर लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। आज आपको सबसे पहले ले चलेंगे संगम पर, जहां देखेंगे कि बसंत पंचमी के स्नान को लेकर कैसा जोश है। इसके साथ ही समझेंगे कि बसंत पंचमी के स्नान का महत्व क्या है, और उस दिन पूजा अर्चना का विधान क्या है। इसके बाद बात होगी मेले में किन्नर अखाड़े की। जहां आचार्य महामंडलेश्वर को अनाज और सिक्कों से तौला गया। तुला दान की इस परंपरा पर बात होगी। और आखिर में दिखाएंगे मेला क्षेत्र में दौड़ रही बग्घियों की। मेला क्षेत्र तक श्रद्धालुओं को आसानी से ले जाने के लिए इलेक्ट्रिक बग्घी की शुरुआत की गई है।
जीएनटी स्पेशल में आज बात माघ मेले के बसंत उत्सव की। 3 जनवरी से प्रयागराज में संगम तट पर श्रद्धा और आस्था का महामेला चल रहा है। माघ मेला जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है..वैसे-वैसे यहां बिखर रहे आस्था के रंग मेले की रौनक को दूना कर रहे हैं..। कहीं अलग-अलग धार्मिक आयोजन हो रहे हैं तो कहीं शोभा यात्रा निकाली जा रही है.। माघ मेले में पहुंचे साधु संतों के अखाड़ों में भी जोरदार आयोजन चल रहे है। आज माघ मेले में किन्नर अखाड़े ने तुलादान की परंपरा निभाई। ये अनोखी परंपरा भगवान कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी है। चलिए आपको दिखाते हैं माघ मेले में बिखरे आस्था के तमाम रंग और सुनाते हैं कहानी इन रंगों के उद्गम की।
जोजिला टनल सभी मौसमों में कनेक्टिविटी के लिए एशिया की सबसे लंबी ऑलवेदर सुरंग जिसके जरिए लेह-लद्दाख की ओर जाने वाला रास्ता अब पूरे साल खुला रहेगा. यह सुरंग जम्मू-कश्मीर के गांदरबल और लद्दाख के कारगिल जिलों को जोड़ेगी, जिसका निर्माण 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है. रिपोर्ट में बताया गया है कि 14.15 किमी लंबी यह सुरंग रणनीतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे एलएसी पर तैनात सैनिकों तक रसद और सैन्य साजो-सामान पहुंचाना आसान हो जाएगा. इसके साथ ही जेड-मोड टनल का भी उल्लेख किया गया है, जो सोनमर्ग को हर मौसम में खुला रखेगी.
गुड न्यूज़ टुडे के विशेष बुलेटिन में संवाददाता अशरफ वानी ने जोजिला टनल के निर्माण कार्य का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि 'जोजिला टनल के रूप में सभी मौसमों में कनेक्टिविटी के लिए एशिया की सबसे लंबी ऑल वेदर सुरंग' का निर्माण 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे लद्दाख का संपर्क साल भर देश से बना रहेगा. वर्तमान में जोजिला दर्रा सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण बंद हो जाता है, जिससे द्रास और कारगिल का संपर्क कट जाता है.