scorecardresearch

GNT स्पेशल

ज्योतिष ने बताया मकर संक्रांति और एकादशी के महासंयोग का महत्व, देखिए खास रिपोर्ट

14 जनवरी 2026

देश भर में मकर संक्रांति का महापर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. ज्योतिषाचार्य Acharya Gaurav ने इस अवसर पर बताया कि इस बार मकर संक्रांति के साथ षटतीला एकादशी का अद्भुत संयोग बना है. उन्होंने कहा, 'आज सर्वसिद्धि योग और अमृत योग भी है, इस समय किया गया दान और स्नान अनंत गुना फलदायी होता है.' प्रयागराज के पावन संगम पर कड़ाके की ठंड के बावजूद लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. आचार्य गौरव ने स्पष्ट किया कि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दोपहर 3:07 बजे होगा, जिसे 'मकरे अर्क' कहा जाता है. उन्होंने यह भी सलाह दी कि आज एकादशी होने के कारण चावल का दान वर्जित है, इसके स्थान पर सफेद तिल का दान करना श्रेष्ठ रहेगा. रिपोर्ट के अनुसार, हरिद्वार, वाराणसी और अयोध्या के घाटों पर भी श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखा गया, जहां लोग सूर्य उपासना कर आध्यात्मिक लाभ ले रहे हैं.

मकर संक्रांति पर प्रयागराज माघ मेले में उमड़ी भीड़, पंडित जी ने बताया स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व

14 जनवरी 2026

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सूर्य के उत्तरायण होने का ज्योतिषीय और आध्यात्मिक महत्व बताया गया है. ज्योतिषाचार्य अरविंद शुक्ला के अनुसार, जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो देवताओं का दिन, उत्तरायण, प्रारंभ होता है, जो अत्यंत शुभ है. इस वर्ष सूर्य का यह राशि परिवर्तन दोपहर बाद होगा, जिसके उपरांत स्नान और दान का विशेष महत्व है. लगभग 35-40 वर्षों बाद मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का दुर्लभ संयोग बना है, जिससे दान-तप का पुण्य कई गुना बढ़ गया है. ज्योतिषी ने सूर्य को अर्घ्य देने का मंत्र 'ॐ एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजो राशि जगत्पते, अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर' भी साझा किया. इस अवसर पर प्रयागराज के माघ मेले, हरिद्वार और अयोध्या के सरयू तट पर कड़ाके की ठंड के बावजूद लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसके तहत मेला क्षेत्र को कई सेक्टरों में बांटा गया है.

संगम पर मकर संक्रांति की जबरदस्त तैयारी, सुरक्षा के किए गए हैं पुख्ता इंतजाम, देखिए रिपोर्ट

14 जनवरी 2026

आपको दिखाने जा रहे हैं ऐतिहासिक माघ मेले की अभूतपूर्व रौनक। रात के वक्त संगम दूधिया रोशनी से नहाया हुआ है। ऐसा लगता है जैसे संगम पर तारो का शहर बसा है। लाखों की तादाद में श्रद्धालु हैं। जबरदस्त उत्साह है। क्योंकि मकर संक्रांति का पवित्र स्नान होना है। जैसा जोश लोगों में है, उतना ही सतर्क प्रशासन है। भीड़ देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आने वाले लोगों को कोई भी तकलीफ ना हो इसलिए हर सुविधा है। आज आपको संगम के खूबसूरत रंगों के साथ विस्तार से मेले की तैयारी दिखाएंगे। इसके साथ ही आकर्षण का केन्द्र बने साधु संतों और बाबाओं से मिलवाएंगे। संगम पर मौजूद तीन दशक से ज्यादा पुराने देवरहा बाबा का मंडप और मां गंगा अखंड ज्योति के दर्शन भी करवाएंगे

अमृतसर से नोएडा तक लोहड़ी की धूम, GNT पर देखिए जश्न की खास तस्वीरें और ज्योतिषाचार्यों जानिए पूजन विधि

13 जनवरी 2026

देशभर में लोहड़ी का त्योहार पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिसकी रौनक अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर और नोएडा जैसे शहरों में विशेष रूप से देखने को मिली. गुड न्यूज टुडे के खास कार्यक्रम 'जीएनटी स्पेशल' में एंकर शगुफ्ता साहिल देव ने देशभर में हो रहे उत्सव की झलकियां पेश कीं. आध्यात्मिक गुरु वान्या आर्य ने लोहड़ी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पर्व सूर्य के धनु से मकर राशि में प्रवेश और नई फसल के आगमन का प्रतीक है.

4 जनवरी को मकर संक्रांति, उत्तरायण के साथ स्नान-दान पर जोर..जानिए महत्व

13 जनवरी 2026

Unidentified speaker ने मकर संक्रांति, लोहड़ी, पोंगल और माघ बिहू को प्रकृति-उत्सव बताते हुए उत्तरायण के साथ ‘शुभ दिनों’ की शुरुआत का वर्णन किया। वक्ता के अनुसार ‘प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को मनाया जाने वाले मकर संक्रांति के त्यौहार का सनातन परंपरा में अद्भुत महिमा है।’ ट्रांसक्रिप्ट में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश, पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य, तिल-गुड़ और खिचड़ी के महत्व, तथा सूर्य को अर्घ्य देने और मंत्र-जप/पाठ जैसे कर्मकांडों का उल्लेख है। लोहड़ी की खरीदारी, रेवड़ी-गज्जक की मांग और दुल्ला भट्टी से जुड़ी लोककथा का जिक्र भी किया गया। साथ ही ‘दान के नियम’ बताते हुए अन्न, घी, वस्त्र, कंबल और तिल दान की बात कही गई।

अहदाबाद में इंटरनेशनल काइट फ़ेस्टिवल का ज़ोरदार आगाज़, देखिए साबरमती के किनारे से पतंग उत्सव की तस्वीरें

13 जनवरी 2026

अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का भव्य आगाज हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ इस महोत्सव का उद्घाटन किया. यह महोत्सव 12 जनवरी से 14 जनवरी तक चलेगा. इस बार के आयोजन में एक रंग दोस्ती का भी दिखा, जब पीएम मोदी और अपनी पहली भारत यात्रा पर आए चांसलर मर्ज ने एक साथ पतंगबाजी का आनंद लिया. इस 14वें संस्करण के पतंग उत्सव में 50 देशों के 135 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाजों समेत देश के विभिन्न शहरों से भी प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं.

मकर संक्रांति पर 100 साल बाद बन रहा पंचग्रही योग, जानिए शुभ संयोग और राशियों पर इसका असर

12 जनवरी 2026

साल 2026 में मकर संक्रांति का पर्व ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत विशेष और दुर्लभ संयोगों से भरा है. इस वर्ष लगभग 100 वर्षों के बाद 'पंचग्रही योग' का निर्माण हो रहा है, जिसमें सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और चंद्रमा एक साथ मकर राशि में विराजमान होंगे. इसके साथ ही, करीब 22 साल बाद मकर संक्रांति (14 जनवरी) और षटतिला एकादशी एक ही दिन पड़ रही हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है. इन महासंयोगों के साथ-साथ सर्वसिद्धि, अमृत सिद्धि और शुक्रादित्य जैसे अन्य राजयोग भी बन रहे हैं, जो स्नान, दान और पूजा के पुण्य फल को कई गुना बढ़ा देंगे. हालांकि, एकादशी के कारण 14 जनवरी को चावल का सेवन और दान वर्जित होने तथा 15 जनवरी को गुरुवार होने से खिचड़ी की परंपरा को लेकर उलझन है. जानकारों ने 17 जनवरी, शनिवार को खिचड़ी बनाने और दान करने को शुभ बताया है.

सोमनाथ में मनाया गया स्वाभिमान पर्व, शौर्य यात्रा में शामिल हुए PM मोदी

11 जनवरी 2026

गुड न्यूज़ टुडे में आपका स्वागत है। आज के मुख्य समाचारों में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ धाम में एक भव्य शौर्य यात्रा में भाग लिया। यह आयोजन सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का हिस्सा था। पीएम मोदी ने सोमनाथ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और महाभिषेक किया और फिर शौर्य सभा को संबोधित करने के लिए सद्भावना ग्राउंड पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वीर हमीरजी सर्किल पर शहीदों को नमन भी किया। बुलेटिन में आगे, आगामी कॉमेडी फिल्म 'वन टू चाचा चा' के निर्देशक अभिषेक राज ने खुलासा किया कि फिल्म की प्रेरणा एक वास्तविक जीवन की घटना से मिली है। इसके अलावा, उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड जारी है, मौसम विभाग ने 19 जनवरी के बाद राहत की उम्मीद जताई है।

14 या 15 जनवरी कब मनाया जाएगा मकर संक्राति पर्व? ज्योतिषियों ने बताया त्यौहार का शुभ मुहूर्त

11 जनवरी 2026

मकर संक्रांति की तिथि को लेकर उलझन है कि पर्व 14 जनवरी को मनाया जाए या 15 जनवरी को. ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी को दोपहर में हो रहा है, जिसके चलते कई पंचांग इसी दिन पर्व मनाने की सलाह दे रहे हैं. वहीं, कुछ विशेषज्ञ उदया तिथि के आधार पर 15 जनवरी को इसे मनाना शास्त्रसम्मत मानते हैं. इस चर्चा में यह भी बताया गया कि 14 जनवरी को एकादशी होने के कारण चावल का सेवन वर्जित है, जबकि दान-पुण्य अगले दिन भी किया जा सकता है. मकर संक्रांति पर स्नान, दान और खिचड़ी का विशेष महत्व है. विशेषज्ञों ने तिल, चावल, दाल और वस्त्रों का दान लाभकारी बताया है. अंततः, श्रद्धालुओं को अपने क्षेत्र, पारिवारिक परंपरा और विवेक के अनुसार तिथि का चयन करने की सलाह दी गई है.

सोमनाथ में पीएम मोदी ने बजाया डमरू, शौर्य यात्रा में हुए शामिल

11 जनवरी 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ धाम में तीन दिवसीय दौरे के दौरान 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के समापन समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर आयोजित एक भव्य शौर्य यात्रा में पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उप मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी के साथ हिस्सा लिया, जहां उन्होंने डमरू बजाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। यह पर्व सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया गया। इस बुलेटिन में अन्य प्रमुख खबरों पर भी प्रकाश डाला गया, जिसमें गणतंत्र दिवस परेड 2026 में पहली बार लद्दाख के बैक्ट्रियन ऊंटों के शामिल होने की जानकारी दी गई। साथ ही, फीफा विश्व कप ट्रॉफी के 12 साल बाद भारत आगमन और दिल्ली में इसके अनावरण की खबर भी शामिल है, जिसमें केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, गुजरात में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव और अमिताभ बच्चन के एक प्रशंसक की अनूठी कहानी भी दिखाई गई।

दिल्ली की सर्द रातों में फुटपाथ पर सोने को मजबूर बेघर, पुलिस कर रही मदद

11 जनवरी 2026

दिल्ली की जमा देने वाली सर्दी में हज़ारों बेघर लोग फुटपाथ पर सोने को मजबूर हैं, जहां हर पल खतरा है। गुड न्यूज़ टुडे की इस खास रिपोर्ट में मनीषा झा ने इन लोगों की मुश्किलों को बयां किया है। एक बेघर व्यक्ति ने कहा, 'हम गरीब जरूर हैं पर जिंदगी में कभी कुछ गलत नहीं किया। शायद यही वह ताकत है जो हमें जिंदगी जीने का हौसला देती है।' यह रिपोर्ट दिखाती है कि कैसे कुछ लोग आसमान को ही अपनी छत और ज़मीन को बिस्तर बनाकर जी रहे हैं। एक बच्चे के पास उसके सपनों के घर की ड्राइंग मिली। इस मुश्किल में दिल्ली पुलिस इन लोगों के लिए मददगार साबित हो रही है, जो उन्हें रैन बसेरों तक पहुंचा रही है। यह कहानी गरीबी, मजबूरी और इंसानियत की एक मार्मिक तस्वीर पेश करती है।