प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के 17वें दिन संगम तट पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ा, जहां एक ही दिन में करीब 5 करोड़ लोगों ने स्नान कर नया रिकॉर्ड बनाया. इस दौरान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर Harsha Richhariya ने विशेष बातचीत में अपना दर्द साझा करते हुए कहा, 'मेरी ऐसी क्या गलती थी कि मुझसे इतनी नफरत कोई करे?' उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में वह मानसिक प्रताड़ना से गुजरी हैं और कई बार उनका मनोबल टूटा है. हर्षा ने स्पष्ट किया कि वह साध्वी नहीं हैं और सनातन के प्रचार-प्रसार के लिए काम करना चाहती हैं. मेले में किन्नर अखाड़े द्वारा मां कामाख्या की विशेष पूजा और 'भूले-भटके शिविर' द्वारा बिछड़े लोगों को अपनों से मिलाने की मानवीय सेवा भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.
प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के तीसरे मुख्य स्नान पर्व 'मौनी अमावस्या' के अवसर पर आस्था का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, सुबह से अब तक लगभग 4 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई है। इस पावन अवसर पर किन्नर अखाड़े सहित विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों ने भी विधि-विधान से स्नान और पूजन किया। किन्नर अखाड़े में मां कामाख्या शक्तिपीठ की स्थापना कर विशेष हवन-पूजन किया गया। श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे माहौल और भी अलौकिक हो गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। सुरक्षा और यातायात के लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसमें 64 स्थाई और अस्थाई घाटों पर स्नान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल वेपन एंड टैक्टिक्स (SWAT) टीम राजधानी की सुरक्षा का अभेद्य कवच है. 2009 में गठित यह टीम विशेष रूप से आतंकवादी हमलों, बंधक संकट और हाई-जैकिंग जैसी स्थितियों से निपटने के लिए तैयार की गई है. एक अधिकारी के अनुसार, 'यह 250 कमांडो दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए काफी हैं और इन्हें एनएसजी (NSG) व आईटीबीपी (ITBP) जैसे विशिष्ट संस्थानों से उन्नत प्रशिक्षण दिया जाता है.' बुलेटप्रूफ जैकेट, बैलिस्टिक हेलमेट और हाई-टेक हथियारों से लैस ये कमांडो 5 मिनट के भीतर किसी भी ऑपरेशन के लिए निकलने में सक्षम हैं. इस दस्ते में 30 से अधिक महिला कमांडो भी शामिल हैं, जो पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कठिन ऑपरेशंस को अंजाम देती हैं. 'मार्क्समैन' जैसी बख्तरबंद गाड़ियों का उपयोग कर ये कमांडो सुरक्षित तरीके से दुश्मन के करीब पहुंचकर उन्हें ढेर करने की क्षमता रखते हैं.
प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के तीसरे मुख्य स्नान 'मौनी अमावस्या' के अवसर पर त्रिवेणी संगम के तट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है. गुड न्यूज़ टुडे की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, दोपहर 4 बजे तक लगभग 3.65 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई, जिसके शाम तक 4 करोड़ के पार पहुंचने का अनुमान है. प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई. सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरे मेला क्षेत्र को सात सेक्टरों और 65 घाटों में विभाजित किया गया है, जहाँ 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी, सीसीटीवी कैमरे और गोताखोर तैनात हैं. मेले में साधु-संतों, नागा साधुओं और किन्नर अखाड़े सहित कल्पवासियों की भारी उपस्थिति रही. ज्योतिषियों ने इस दिन मौन रहकर स्नान, दान और विष्णु सहस्त्रनाम के पाठ का आध्यात्मिक महत्व बताया है. जो श्रद्धालु संगम नहीं पहुंच सके, उनके लिए घर पर ही मंत्र जाप और गंगाजल से स्नान का विधान बताया गया है. शाम को संगम तट पर भव्य दीपदान और महाआरती का आयोजन किया जाएगा.
प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम तट पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ा है. प्रशासन के अनुसार, इस पावन स्नान पर्व पर तीन से पांच करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है, जिसमें सुबह 11 बजे तक करीब 1 करोड़ 45 लाख लोग आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद देश के कोने-कोने से आए भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है. ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय और वान्या आर्य के अनुसार, इस बार मकर राशि में सूर्य, मंगल, शुक्र, बुध और चंद्रमा के मिलन से पंचग्रही राजयोग बन रहा है, जो इस दिन के आध्यात्मिक महत्व को बढ़ाता है. इस अवसर पर पितरों के तर्पण और राशि अनुसार कंबल, गुड़ व तिल के दान का विशेष महत्व बताया गया है. प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जा रही है. भीड़ के कारण लोग कई किलोमीटर पैदल चलकर संगम पहुंच रहे हैं.
प्रयागराज में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संगम तट पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ा है. प्रशासन के अनुसार इस विशेष दिन पर तीन से चार करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिसमें सुबह 8:00 बजे तक ही 1 करोड़ 30 लाख से अधिक लोग पवित्र डुबकी लगा चुके हैं. ज्योतिषाचार्य राज मिश्रा और वान्या आर्य ने इस दिन के आध्यात्मिक महत्व, आत्मचिंतन, पितृदोष मुक्ति और गजकेसरी योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग के निर्माण पर प्रकाश डाला है. संगम तट पर कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों का उत्साह चरम पर है. सुरक्षा व्यवस्था के लिए एटीएस कमांडो, वॉच टावर और ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है. श्रद्धालुओं ने योगी सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं और 'मिनी महाकुंभ' जैसे माहौल की सराहना की है. कार्यक्रम में सभी 12 राशियों के जातकों के लिए दान-पुण्य और जप-तर्पण के विशेष उपाय भी साझा किए गए हैं, जो आध्यात्मिक उन्नति और आत्मा की शुद्धि के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं.
प्रयागराज में मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम तट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है. कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच लाखों श्रद्धालु और साधु-संत पवित्र डुबकी लगा रहे हैं. प्रशासन के अनुसार माघ मेले के 16वें दिन तीन से चार करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इस वर्ष मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग, हर्षण योग और अर्धोदय योग जैसे दुर्लभ संयोग बन रहे हैं. ज्योतिषी संजीव अग्निहोत्री ने बताया कि इस दिन मौन व्रत, जप-तप और दान से मन की शुद्धि होती है. पितरों की शांति के लिए तर्पण और ब्राह्मण भोजन का भी विशेष महत्व है. जो लोग संगम नहीं पहुंच सकते, वे घर पर जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं. संगम तट पर कल्पवासी मौन साधना में लीन हैं. सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं. संवाददाता शुभम और पंकज श्रीवास्तव ने घाटों से प्रशासनिक व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के उत्साह का जायजा लिया है.
गुड न्यूज़ टुडे की एंकर गीतिका पंत ने प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के सबसे महत्वपूर्ण स्नान 'मौनी अमावस्या' के महत्व पर प्रकाश डाला है। इस बार मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग, हर्षण योग और शिव वास योग का दुर्लभ महासंयोग बन रहा है, जो श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक कल्याण के लिए अत्यंत फलदायी माना जा रहा है। गीतिका पंत ने बताया कि 'मकर संक्रांति के दो दिन के स्नान में संगम पर श्रद्धालुओं का आंकड़ा करीब 2 करोड़ तक चला गया' और अब मौनी अमावस्या पर यह संख्या 3 करोड़ के पार जाने की उम्मीद है। बुलेटिन में पितृदोष से मुक्ति के उपाय, दान का महत्व और ग्रहों की शांति के लिए विशेष प्रयोगों की जानकारी दी गई है। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए संगम घाटों की लंबाई बढ़ाकर 3.69 किमी कर दी है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
गुड न्यूज़ टुडे के खास शो 'बंदे में है दम' में इस बार बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक आदित्य धर के प्रेरणादायक सफर को दिखाया गया है. फिल्म 'धुरंधर' की ऐतिहासिक सफलता पर बात करते हुए आदित्य धर ने कहा, 'घायल हूं इसलिए घातक हूं, फिल्म के हर सदस्य ने अपनी जान लगा दी है.' इस शो में बताया गया कि कैसे बचपन में डिस्लेक्सिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझने के बावजूद आदित्य ने हार नहीं मानी और 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' जैसी कल्ट फिल्म बनाकर भारतीय सिनेमा में क्रांति ला दी. उनकी हालिया फिल्म 'धुरंधर' ने बॉक्स ऑफिस पर 1600 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं. कार्यक्रम में उनके शुरुआती संघर्ष, काबुल एक्सप्रेस में गीत लिखने से लेकर नेशनल अवार्ड जीतने और यामी गौतम के साथ उनकी शादी तक के अनछुए पहलुओं को उजागर किया गया है.
भारत ने रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए डीआरडीओ (DRDO) के माध्यम से 'फुल स्केल एक्टिवली कूल्ड स्क्रैमजेट कंबस्टर' का 12 मिनट तक सफल परीक्षण किया है. हैदराबाद स्थित डीआरडीएल (DRDL) में हुए इस परीक्षण के बाद भारत अब अमेरिका, रूस और चीन जैसे उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास 5 मैक से अधिक की हाइपरसोनिक तकनीक उपलब्ध है. यह इंजन भविष्य की 'ब्रह्मोस-2' मिसाइल का आधार बनेगा, जो मैक 7 से 8 की गति प्राप्त कर सकेगी. इसके साथ ही स्वदेशी 'मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल' (MP-ATGM) का भी सफल परीक्षण किया गया है. गुड न्यूज़ टुडे के कार्यक्रम 'रणक्षेत्र' में अनीता रंधावा ने इजरायल से प्राप्त 'स्पाइक एनएलओएस' (Spike NLOS) मिसाइल की मारक क्षमता का विश्लेषण किया, जो 30 किमी दूर से दुश्मन के ठिकानों को नष्ट कर सकती है. बुलेटिन में स्वदेशी 'नाग', 'ध्रुवास्त्र' और 'अमोघा-3' जैसी एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों के महत्व पर भी चर्चा की गई है, जो एलएसी पर चीन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं.
प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के 15वें दिन मौनी अमावस्या के तीसरे मुख्य महास्नान की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं. प्रशासन ने त्रिवेणी संगम पर 64 घाट तैयार किए हैं, जहां लगभग 4 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. सुरक्षा व्यवस्था के लिए एआई (AI) कैमरों, होल्डिंग एरिया और पार्किंग का व्यापक प्रबंध किया गया है. ज्योतिषाचार्य अरविंद शुक्ला और पंडित संजय शर्मा के अनुसार, इस दिन दान और मौन साधना का विशेष आध्यात्मिक महत्व है. मेले में किन्नर अखाड़े की महंत ऋतु नंदगिरी भीषण ठंड में जनकल्याण हेतु निरंतर जल साधना और मौन व्रत कर रही हैं. वहीं, आचार्य महामंडलेश्वर डॉक्टर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने अखाड़े की सांस्कृतिक परंपराओं को साझा किया. महाराज गंगाधर ने युवा पीढ़ी को सनातन संस्कृति से जोड़ने के लिए 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम पर विशेष कॉटेज स्थापित किए हैं. मेले में 44 दिनों की कठिन साधना कर रहे कल्पवासी और कांटों पर लेटे मौनी बाबा आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.