नासा का आर्टेमिस-2 मिशन चंद्रमा का चक्कर लगाने के बाद धरती पर वापस लौट रहा है। ओरियन कैप्सूल प्रशांत महासागर में स्प्लैश डाउन करेगा, जिसके लिए नासा ने पूरी तैयारी कर ली है। इस मिशन ने अंतरिक्ष में कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं। दूसरी तरफ, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भी अपने पहले मानव मिशन 'गगनयान' की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। इसरो ने गगनयान मिशन के लिए दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जो अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए बेहद अहम है। इसके अलावा, भारत चंद्रयान-4 और चंद्रयान-5 मिशन की तैयारियों में भी जुटा है। चंद्रयान-4 का लक्ष्य चांद की सतह से मिट्टी और चट्टानों के नमूने धरती पर लाना है। इसरो ने 2035 तक अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने और 2040 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर भेजने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इन सभी मिशनों के जरिए भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने की तैयारी कर रहा है।
नासा का ऐतिहासिक मून मिशन 'Artemis II' अपना 10 दिवसीय सफर पूरा कर धरती पर लौटने के लिए तैयार है. इस मिशन में सवार चार अंतरिक्ष यात्री—रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन—चांद की परिक्रमा कर 11 अप्रैल 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह 5:37 बजे पृथ्वी पर पहुंचेंगे. इनका ओरियन कैप्सूल कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास प्रशांत महासागर में 'स्प्लैशडाउन' करेगा. यह मिशन इसलिए खास है क्योंकि 1972 के अपोलो मिशन के बाद पहली बार इंसान चांद के इतने करीब पहुंचा है. इस यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के दूरस्थ हिस्सों की तस्वीरें लीं और भविष्य में चांद पर बस्ती बसाने से जुड़े अहम प्रयोग किए.
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में अप्रैल के महीने में मौसम का अनोखा रूप देखने को मिल रहा है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी हुई है, जिससे अप्रैल में ही दिसंबर-जनवरी जैसी ठंड का एहसास हो रहा है. सिक्किम के लाचेन में भारी हिमपात और लैंडस्लाइड के कारण फंसे 135 पर्यटकों को भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन हिम सेतु' चलाकर सुरक्षित निकाला. उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच केदारनाथ धाम 5 फीट बर्फ की चादर से ढका हुआ है. वहीं, कश्मीर के गुलमर्ग और सोनमर्ग में ऑफ-सीजन बर्फबारी ने पर्यटन को नया जीवन दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से अगले कुछ दिनों तक पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है.
ओडिशा के पुरी में स्थित विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ मंदिर के 'रत्न भंडार' की गिनती और डिजिटल दस्तावेजीकरण का दूसरा चरण शुरू हो गया है। लगभग पांच दशकों (48 वर्ष) के बाद इस रहस्यमयी खजाने को खोला गया है। इस प्रक्रिया के लिए ओडिशा सरकार द्वारा 23 सदस्यीय विशेष जांच समिति का गठन किया गया है, जिसमें हैंडलिंग और सुपरवाइजिंग के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। ट्रांसस्क्रिप्ट के अनुसार, रत्न भंडार को तीन हिस्सों—चलित, बाहरी और भीतरी—में बांटा गया है। 25 मार्च को पहले चरण में चलित भंडार की गिनती पूरी हुई थी, और अब 8 से 11 अप्रैल तक बाहरी भंडार की इन्वेंट्री बनाई जा रही है। इस कार्य में आधुनिक 3D फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का उपयोग किया जा रहा है ताकि विरासत को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जा सके। मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, यहाँ अथाह सोना, चांदी और बेशकीमती रत्न मौजूद हैं, जिनकी रक्षा स्वयं सर्प देवता और लोकपाल महादेव लोकनाथ करते हैं।
Good News Today (GNT) के विशेष कार्यक्रम में मशहूर पंजाबी सिंगर खान साब (Khan Saab) शामिल हुए. उन्होंने अपने सुपरहिट गाने 'दिल पे जख्म खाते हैं' और 'आरी आरी' की लाइव प्रस्तुति से समां बांध दिया. बातचीत के दौरान खान साब ने बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह के साथ अपनी पहली मुलाकात का दिलचस्प किस्सा साझा किया. उन्होंने बताया कि रणवीर सिंह कलाकारों की बहुत कदर करते हैं.
नासा (NASA) के आर्टेमिस 2 (Artemis 2) मिशन ने अंतरिक्ष विज्ञान में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 1 अप्रैल 2026 को लॉन्च हुए इस मिशन ने पृथ्वी से करीब 4,06,771 किलोमीटर की दूरी तय कर 1970 के अपोलो 13 (Apollo 13) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। ओरिओन (Orion) स्पेसक्राफ्ट में सवार चार अंतरिक्ष यात्रियों—रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैंसन—ने चंद्रमा के उस 'डार्क साइड' (अनदेखे हिस्से) की परिक्रमा की, जिसे आज तक किसी ने नहीं देखा था। मिशन कमांडर रीड वाइजमैन ने इस उपलब्धि को मानव जाति के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया। इस यात्रा के दौरान ओरिओन ने चांद के 'ओरिएंटल बेसिन' जैसे विशाल गड्ढों की हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें भेजी हैं। यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर इंसानी बस्ती बसाने और मंगल ग्रह की यात्रा के लिए एक लॉन्च पैड तैयार करने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर, गुड न्यूज़ टुडे की विशेष चर्चा में भारत में व्याप्त एनीमिया (खून की कमी) के गंभीर संकट पर प्रकाश डाला गया. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश में लगभग 67% बच्चे और 57% महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं. विशेषज्ञों ने बताया कि 2018 में 'एनीमिया मुक्त भारत' अभियान शुरू होने के बावजूद स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, यहाँ तक कि दिल्ली जैसे मेट्रो शहरों में भी लगभग 50% महिलाएं एनेमिक हैं. चर्चा में कमजोरी, थकान और सांस फूलना इसके मुख्य लक्षण बताए गए. विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या केवल गरीबी से नहीं, बल्कि जागरूकता की कमी, खान-पान की गलत आदतों, जैसे भोजन के साथ चाय पीना, और आयरन युक्त आहार की कमी से भी जुड़ी है. इससे निपटने के लिए 'SMART' फॉर्मूला (स्क्रीन, मैनेज, एक्सेस, राइट ट्रीटमेंट, ट्रैक) और 'कलरफुल डाइट' (लाल, हरा, पीला) अपनाने की सलाह दी गई, जिसमें मौसमी फल, हरी सब्जियां, और पारंपरिक भोजन शामिल हों.
गुड न्यूज टुडे की इस खास रिपोर्ट में नासा के ऐतिहासिक मिशन आर्टेमिस II (Artemis II) के बारे में विस्तार से बताया गया है. सत्तर के दशक के अपोलो मिशन के बाद यह पहली बार है जब इंसान चांद की दहलीज पर पहुंचा है. मिशन के दौरान ओरियन स्पेसक्राफ्ट ने चंद्रमा के उस अनदेखे हिस्से (Dark Side) की परिक्रमा की, जिसे 'लूनर फ्लाईबाई' कहा जाता है. इस यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने अपोलो 13 द्वारा बनाए गए पृथ्वी से सर्वाधिक दूरी का 56 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. मिशन में चार चालक दल सदस्य—रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हेंसन शामिल हैं. इन्होंने चंद्रमा की सतह की हाई-रresolution तस्वीरें ली हैं और भविष्य के लिए कुछ क्रेटर्स के नाम भी सुझाए हैं, जिनमें से एक का नाम 'कैरोल' (Carroll) रखने का प्रस्ताव है. यह मिशन न केवल चांद पर इंसानों की वापसी की तैयारी है, बल्कि मंगल ग्रह तक जाने के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी माना जा रहा है.
अप्रैल के महीने में देश के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एक ओर जहां कश्मीर के सोनमर्ग, गुलमर्ग और पुंछ जैसे इलाकों में जनवरी जैसी भारी बर्फबारी हो रही है, वहीं दूसरी ओर देश के मैदानी और रेगिस्तानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को हैरान कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजस्थान के जैसलमेर और जयपुर के साथ-साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बेमौसम बरसात और ओले गिरे हैं। इस बदलते मौसम का असर उत्तराखंड की आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों पर भी पड़ा है। केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब में ताजा बर्फबारी के बावजूद प्रशासन 19 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है। मौसम विभाग ने 7 और 8 अप्रैल के लिए उत्तर-पश्चिम भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी दी है, जिसके चलते दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में आंधी, बारिश और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
अभिनेता और सांसद रवि किशन और स्टार एक्ट्रेस कुशा कपिला ने अपनी नेटफ्लिक्स सीरीज 'मामला लीगल है' के सीजन 2 के बारे में विस्तार से चर्चा की. रवि किशन ने बताया कि कैसे इस शो ने उन्हें हिंदी सिनेमा में एक नई पहचान दी है और ओटीटी प्लेटफॉर्म ने मंझे हुए कलाकारों को नया जीवन प्रदान किया है. उन्होंने साझा किया कि एक सीन के दौरान उन्होंने अपने दिवंगत पिता को याद करते हुए वास्तविक आंसू बहाए, जिसे उन्होंने चार साल से रोक रखा था. कुशा कपिला ने सीरीज का हिस्सा बनने पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह एक बेहतरीन 'कम्युनिटी वाचिंग' अनुभव है. चर्चा के दौरान अदालती कार्यवाही की बारीकियों, वकीलों के संघर्ष और न्यायपालिका के प्रति सम्मान पर भी प्रकाश डाला गया. कलाकारों ने सेट की मस्ती और अपने किरदारों के विकास के बारे में भी मजेदार बातें साझा कीं.
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। न्यूज़ एंकर श्वेता झा के अनुसार, अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जिनमें सर्वाधिक संख्या केदारनाथ धाम के लिए है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर जमी भारी बर्फ को हटाने का काम जारी है और रुद्रप्रयाग में जाम से मुक्ति के लिए 900 मीटर लंबी सुरंग तैयार कर ली गई है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए CCTV कैमरों और ड्रोन से निगरानी की योजना बनाई है। यात्रा के लिए 7750 से अधिक घोड़े-खच्चरों का फिटनेस परीक्षण और पंजीकरण पूर्ण हो चुका है। केदारनाथ के लिए गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से आठ हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित होंगी, जिनकी बुकिंग IRCTC पोर्टल के माध्यम से होगी। मुख्यमंत्री और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ईंधन और गैस सिलेंडर की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।