आदित्य धर की फिल्म धुरंधर Two The Revenge ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार शुरुआत की है। 19 मार्च को रिलीज हुई इस स्पाई एक्शन सीक्वल ने पहले paid preview shows से रिकॉर्ड तोड़ कमाई की और ओपनिंग डे पर दुनिया भर में 240 करोड़ रुपए कमाए हैं। पहले दिन का net collection 102 करोड़ रहा। गुड़ी पड़वा और ईद की छुट्टियों के कारण फिल्म को शानदार opening मिली है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म चार दिनों में करीब 500 करोड़ का बिजनेस कर सकती है। रणवीर सिंह के star power, आदित्य धर के निर्देशन और दमदार action sequences की वजह से दर्शक थिएटर तक खिंचे चले आ रहे हैं। देश में 200 करोड़ की opening अब तक सिर्फ साउथ की फिल्मों के नाम रही है, लेकिन अब बॉलीवुड फिल्म धुरंधर Two भी इसमें शामिल हो गई है। समीक्षकों की तारीफ और दर्शकों के प्यार के साथ फिल्म ने नया इतिहास रच दिया है।
ईरान द्वारा इज़राइल पर 'डांसिंग मिसाइल' सेजिल से किए गए हमले ने आधुनिक मिसाइल तकनीक पर फिर से ध्यान आकर्षित किया है. 2000 से 2500 किलोमीटर रेंज वाली यह बैलिस्टिक मिसाइल 15 मैक तक की गति से उड़ान भर सकती है और आयरन डोम जैसे एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने में सक्षम है. वहीं, रूस ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाली क्रूज मिसाइल 'बुरेवेस्निक' और 27 मैक की गति वाली हाइपरसोनिक मिसाइल 'अवनगार्ड' का सफल परीक्षण किया है. मिसाइलें लेजर, रडार और जीपीएस जैसे गाइडेंस सिस्टम का उपयोग करती हैं और ठोस या तरल ईंधन से संचालित होती हैं. क्रूज मिसाइलें वायुमंडल के भीतर कम ऊंचाई पर उड़ती हैं, जबकि बैलिस्टिक मिसाइलें वायुमंडल से बाहर जाकर वापस लक्ष्य पर आती हैं. इस क्षेत्र में भारत भी एक प्रमुख शक्ति है, जिसने 2024 में MIRV तकनीक का सफल परीक्षण किया और यह क्षमता हासिल करने वाला चौथा देश बना. भारत की पहली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल, अग्नि-5, 5000 किलोमीटर तक मार कर सकती है और इसकी रफ़्तार 29000 किलोमीटर प्रति घंटा है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 मार्च 2025 को पूरे परिवार के साथ वृंदावन स्थित श्रीहित राधा केलीकुंज आश्रम पहुंचीं, जहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। राष्ट्रपति करीब आधे घंटे तक महाराज के दरबार में रहीं और उनसे आध्यात्मिक जीवन, मंत्र जाप के महत्व, और समाज कल्याण जैसे विषयों पर चर्चा की। संत और सत्ता के इस मिलन को त्रेता युग के रामराज्य से तुलना की गई, जब राजा राम अपने कुलगुरू महर्षि वशिष्ठ के आश्रम में जाते थे। प्रेमानंद महाराज ने तेरह वर्ष की उम्र में घर छोड़कर संन्यास का व्रत लिया था और वृंदावन में आजीवन रहने का संकल्प लिया है। उनकी दोनों किडनी बीस वर्षों से फेल हैं, फिर भी वे भक्तों का मार्गदर्शन करते हैं। राष्ट्रपति को आश्रम की ओर से चुनरी, माला और प्रसाद भेंट किया गया।
चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन, 21 मार्च 2026 को देशभर में माँ चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना हो रही है. दिल्ली के झंडेवालान, कालकाजी से लेकर कटरा के वैष्णो देवी मंदिर तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. माँ चंद्रघंटा, जिनके मस्तक पर घंटे के आकार का चंद्रमा है, को शांति और कल्याण का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि उनकी आराधना से भय से मुक्ति मिलती है और साहस, शांति व शक्ति की प्राप्ति होती है. ज्योतिषियों के अनुसार, माँ को दूध से बनी मिठाइयाँ और केसर की खीर का भोग लगाना शुभ होता है. वहीं, नवरात्रि के चौथे दिन ब्रह्मांड की रचयिता माँ कूष्मांडा की पूजा की जाती है, जिन्होंने अपनी मुस्कान से सृष्टि की रचना की थी. उन्हें मालपुए का भोग प्रिय है और उनकी उपासना से रोग, शोक दूर होते हैं और स्वास्थ्य एवं समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.
मार्च के महीने में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आया है. हिमाचल प्रदेश के मनाली, कुल्लू और डलहौजी सहित उत्तराखंड के बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है. बद्रीनाथ धाम में दो फीट तक बर्फ की परत जम गई है, जबकि केदारनाथ में निरंतर हिमपात से चार धाम यात्रा की तैयारियां प्रभावित हुई हैं. जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग और जोजिला में भी भारी हिमपात हुआ है. इस बेमौसम बर्फबारी और बारिश से दिल्ली-एनसीआर सहित मैदानी इलाकों के तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट आई है. जहां एक ओर अटल टनल के पास यातायात बाधित हुआ है, वहीं दूसरी ओर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है. किसानों के लिए यह बारिश गेहूं और मटर की फसलों हेतु राहत लेकर आई है, हालांकि सेब के बागवानों के लिए चिंता बनी हुई है. मौसम विभाग ने 16 से 22 मार्च के बीच और अधिक बारिश व ओलावृष्टि की संभावना जताई है.
नवरात्र के दौरान देशभर के प्रमुख शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं का तांता लगा है। गुजरात के बनासकांठा में स्थित अंबाजी शक्तिपीठ में देवी सती के हृदय भाग की पूजा होती है। यह इक्यावन शक्तिपीठों में सबसे श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि यहां मां की मूर्ति नहीं बल्कि विषायंत्र की पूजा होती है। मंदिर का शिखर 141 किलो सोने से मढ़ा गया है और 358 स्वर्ण कलश प्रस्थापित हैं। वहीं पावागढ़ की साढ़े तीन हजार फीट ऊंची चोटी पर स्थित महाकाली मंदिर में 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने 500 साल बाद पहली बार ध्वजा फहराई थी। 14वीं शताब्दी में सुल्तान मोहम्मद बेगड़ा ने इस मंदिर के शिखर को खंडित कर दिया था, जिसका 2017 में पुनर्निर्माण शुरू हुआ। मध्य प्रदेश के रायसेन में स्थित हिंगलाज भवानी धाम की कहानी बलूचिस्तान से जुड़ी है, जहां से लगभग पांच सदी पहले संत भगवान दास ज्योति स्वरूप में मां को लेकर आए थे।
आज चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कान्हा की नगरी मथुरा में हैं. उन्होंने वृंदावन में अब से कुछ समय पहले संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की. वे राष्ट्रपति प्रेमानंद जी के सत्संग में शामिल हुईं. सत्संग में शामिल होने की ताजा तस्वीरें हम आपको दिखा रहे हैं. इनमें राष्ट्रपति प्रेमानंद जी के सामने कुर्सी पर विराजमान हैं. वहां प्रेमानंद महाराज की तरफ से राष्ट्रपति का पुष्पहार से स्वागत किया. भक्ति भाव में लीन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रेमानंद जी महाराज के सामने हाथ जोड़े बैठी रहीं. इस दौरान श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम में माहौल बेहद भक्तिमय दिखा. आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज के शिष्यों ने महामहिम का भव्य स्वागत किया. माना जा रहा है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रेमानंद जी महाराज के बीच अध्यात्म, सेवा और जनकल्याण जैसे विषयों पर चर्चा की गई.
Good News Today के Fact Check में Social Media पर वायरल हो रहे दो Videos की पड़ताल की गई। पहले Video में दावा किया जा रहा था कि ईरान युद्ध में शहीद हुए अमेरिकी सैनिकों के शव अमेरिका पहुंचे। पड़ताल में सामने आया कि यह Video December 2025 का है जब Syria में Islamic State के बंदूकधारी ने दो अमेरिकी सैनिकों और एक नागरिक की हत्या कर दी थी। Dover Air Force Base पर राष्ट्रपति Donald Trump उनके सम्मान समारोह में शामिल हुए थे। दूसरे Video में दावा किया गया कि Iran में Missile हमलों के बीच Football Match खेला जा रहा है। Fact Check में पता चला कि यह Video आठ साल पुराना है। यह Video 2 August 2018 को Saudi Arab के Jazan के Samtah प्रांत से है जहां Houthi मिसाइलों को रोकने के लिए मिसाइलें दागी जा रही थीं। दोनों Videos को गलत संदर्भ के साथ वायरल किया जा रहा है।
चैत्र प्रतिपदा और हिंदू नववर्ष के साथ चैत्र नवरात्र का शुभारंभ हो चुका है। देशभर में मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा आराधना हो रही है। महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में गुड़ी पड़वा का त्योहार भी धूमधाम से मनाया जा रहा है। प्रयागराज में संगम तट पर स्थित अलोपी शंकरी शक्तिपीठ में देवी की मूर्ति नहीं बल्कि पालने की पूजा होती है। यहां माता सती के दाहिने हाथ का पंजा गिरकर अदृश्य हो गया था, इसलिए यहां निराकार अवस्था में देवी विराजमान हैं। पालने के नीचे श्री यंत्र स्थापित है और उसी कुंड के जल को प्रसाद के रूप में दिया जाता है। संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर आने वाले दंपतियों की मुराद पूरी होती है। झांसी में मां मनिया देवी का मंदिर भी अनोखा है, जहां देवी हर दिन तीन बार स्वरूप बदलती हैं - सुबह बाल अवस्था, दोपहर में युवावस्था और शाम में वृद्धावस्था में। यहां आल्हा-ऊदल से जुड़ी बलिदान की कथा प्रसिद्ध है। झांसी के एक अन्य मंदिर में मां काली का सौम्य बाल रूप विराजमान है, जो देश में दुर्लभ है।
चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही 19 मार्च से हिंदू नववर्ष भी प्रारंभ हो रहा है। देशभर के मंदिरों में मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा होती है। मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री मानी जाती हैं और इन्हें सफेद फूलों का हार तथा सफेद वस्त्र अर्पित किया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार महिषासुर के वध के लिए देवताओं की शक्तियों से माँ दुर्गा प्रकट हुई थीं। नौ दिनों की लड़ाई के बाद दसवें दिन महिषासुर का वध हुआ। दिल्ली के कालकाजी मंदिर समेत देशभर के शक्तिपीठों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के नौ स्वरूपों की उपासना से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवरात्रि व्रत के दौरान राजगीरे का चीला, कुट्टू का आटा, समक के चावल और मखाना जैसे सात्विक आहार का सेवन करना चाहिए।
मार्च के महीने की शुरुआत तो जबरदस्त गर्मी के साथ हुई. लेकिन पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला बदला सा है और ऐसा बदला है कि पहाडों पर बर्फबारी हो रही है. हिमाचल प्रदेश के डलहौज़ी, मनाली और कुल्लू में मार्च में हुई अचानक बर्फबारी ने पहाड़ों को फिर से जन्नत जैसा बना दिया है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश ने ना सिर्फ सैलानियों को रोमांचक अनुभव दिया है...बल्कि किसानों के लिए भी राहत लेकर आया है. आज आपको ना सिर्फ हिमाचल बल्कि उत्तराखंड में बर्फबारी की खूबसूरत तस्वीरें दिखाएंगे. साथ ही राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर का हाल बताएंगे जहां पश्चिमी विक्षोभ के कारण आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद तापमान गिर गया है. आने वाले दिनों में दिल्ली में बारिश होगी या नहीं, इस पर मौसम विभाग का अनुमान बताएंगे.