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GNT स्पेशल

नवरात्र में गुजरात के अंबाजी और पावागढ़ शक्तिपीठ में भक्तों का सैलाब, MP के हिंगलाज धाम की अनोखी कहानी

20 मार्च 2026

नवरात्र के दौरान देशभर के प्रमुख शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं का तांता लगा है। गुजरात के बनासकांठा में स्थित अंबाजी शक्तिपीठ में देवी सती के हृदय भाग की पूजा होती है। यह इक्यावन शक्तिपीठों में सबसे श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि यहां मां की मूर्ति नहीं बल्कि विषायंत्र की पूजा होती है। मंदिर का शिखर 141 किलो सोने से मढ़ा गया है और 358 स्वर्ण कलश प्रस्थापित हैं। वहीं पावागढ़ की साढ़े तीन हजार फीट ऊंची चोटी पर स्थित महाकाली मंदिर में 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने 500 साल बाद पहली बार ध्वजा फहराई थी। 14वीं शताब्दी में सुल्तान मोहम्मद बेगड़ा ने इस मंदिर के शिखर को खंडित कर दिया था, जिसका 2017 में पुनर्निर्माण शुरू हुआ। मध्य प्रदेश के रायसेन में स्थित हिंगलाज भवानी धाम की कहानी बलूचिस्तान से जुड़ी है, जहां से लगभग पांच सदी पहले संत भगवान दास ज्योति स्वरूप में मां को लेकर आए थे।

प्रेमानंद महाराज जी के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की एकांतिक वार्तालाप, देखिए स्पेशल रिपोर्ट

20 मार्च 2026

आज चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कान्हा की नगरी मथुरा में हैं. उन्होंने वृंदावन में अब से कुछ समय पहले संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की. वे राष्ट्रपति प्रेमानंद जी के सत्संग में शामिल हुईं. सत्संग में शामिल होने की ताजा तस्वीरें हम आपको दिखा रहे हैं. इनमें राष्ट्रपति प्रेमानंद जी के सामने कुर्सी पर विराजमान हैं. वहां प्रेमानंद महाराज की तरफ से राष्ट्रपति का पुष्पहार से स्वागत किया. भक्ति भाव में लीन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रेमानंद जी महाराज के सामने हाथ जोड़े बैठी रहीं. इस दौरान श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम में माहौल बेहद भक्तिमय दिखा. आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज के शिष्यों ने महामहिम का भव्य स्वागत किया. माना जा रहा है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रेमानंद जी महाराज के बीच अध्यात्म, सेवा और जनकल्याण जैसे विषयों पर चर्चा की गई.

ईरान युद्ध में शहीद अमेरिकी सैनिक और फुटबॉल मैच के वायरल वीडियो का सच? देखिए रिपोर्ट

19 मार्च 2026

Good News Today के Fact Check में Social Media पर वायरल हो रहे दो Videos की पड़ताल की गई। पहले Video में दावा किया जा रहा था कि ईरान युद्ध में शहीद हुए अमेरिकी सैनिकों के शव अमेरिका पहुंचे। पड़ताल में सामने आया कि यह Video December 2025 का है जब Syria में Islamic State के बंदूकधारी ने दो अमेरिकी सैनिकों और एक नागरिक की हत्या कर दी थी। Dover Air Force Base पर राष्ट्रपति Donald Trump उनके सम्मान समारोह में शामिल हुए थे। दूसरे Video में दावा किया गया कि Iran में Missile हमलों के बीच Football Match खेला जा रहा है। Fact Check में पता चला कि यह Video आठ साल पुराना है। यह Video 2 August 2018 को Saudi Arab के Jazan के Samtah प्रांत से है जहां Houthi मिसाइलों को रोकने के लिए मिसाइलें दागी जा रही थीं। दोनों Videos को गलत संदर्भ के साथ वायरल किया जा रहा है।

चैत्र नवरात्र में प्रयागराज के अलोपी देवी मंदिर में पालने की पूजा, झांसी में मां काली का बाल रूप

19 मार्च 2026

चैत्र प्रतिपदा और हिंदू नववर्ष के साथ चैत्र नवरात्र का शुभारंभ हो चुका है। देशभर में मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा आराधना हो रही है। महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में गुड़ी पड़वा का त्योहार भी धूमधाम से मनाया जा रहा है। प्रयागराज में संगम तट पर स्थित अलोपी शंकरी शक्तिपीठ में देवी की मूर्ति नहीं बल्कि पालने की पूजा होती है। यहां माता सती के दाहिने हाथ का पंजा गिरकर अदृश्य हो गया था, इसलिए यहां निराकार अवस्था में देवी विराजमान हैं। पालने के नीचे श्री यंत्र स्थापित है और उसी कुंड के जल को प्रसाद के रूप में दिया जाता है। संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर आने वाले दंपतियों की मुराद पूरी होती है। झांसी में मां मनिया देवी का मंदिर भी अनोखा है, जहां देवी हर दिन तीन बार स्वरूप बदलती हैं - सुबह बाल अवस्था, दोपहर में युवावस्था और शाम में वृद्धावस्था में। यहां आल्हा-ऊदल से जुड़ी बलिदान की कथा प्रसिद्ध है। झांसी के एक अन्य मंदिर में मां काली का सौम्य बाल रूप विराजमान है, जो देश में दुर्लभ है।

मां शैलपुत्री की पूजा, हिंदू नववर्ष का आगाज और देशभर में आस्था का सैलाब

18 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही 19 मार्च से हिंदू नववर्ष भी प्रारंभ हो रहा है। देशभर के मंदिरों में मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा होती है। मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री मानी जाती हैं और इन्हें सफेद फूलों का हार तथा सफेद वस्त्र अर्पित किया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार महिषासुर के वध के लिए देवताओं की शक्तियों से माँ दुर्गा प्रकट हुई थीं। नौ दिनों की लड़ाई के बाद दसवें दिन महिषासुर का वध हुआ। दिल्ली के कालकाजी मंदिर समेत देशभर के शक्तिपीठों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के नौ स्वरूपों की उपासना से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवरात्रि व्रत के दौरान राजगीरे का चीला, कुट्टू का आटा, समक के चावल और मखाना जैसे सात्विक आहार का सेवन करना चाहिए।

पहाड़ों पर मौसम ने लिया यू-टर्न, देखिए मौसम के बदले मिजाज पर खास रिपोर्ट

18 मार्च 2026

मार्च के महीने की शुरुआत तो जबरदस्त गर्मी के साथ हुई. लेकिन पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला बदला सा है और ऐसा बदला है कि पहाडों पर बर्फबारी हो रही है. हिमाचल प्रदेश के डलहौज़ी, मनाली और कुल्लू में मार्च में हुई अचानक बर्फबारी ने पहाड़ों को फिर से जन्नत जैसा बना दिया है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश ने ना सिर्फ सैलानियों को रोमांचक अनुभव दिया है...बल्कि किसानों के लिए भी राहत लेकर आया है. आज आपको ना सिर्फ हिमाचल बल्कि उत्तराखंड में बर्फबारी की खूबसूरत तस्वीरें दिखाएंगे. साथ ही राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर का हाल बताएंगे जहां पश्चिमी विक्षोभ के कारण आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद तापमान गिर गया है. आने वाले दिनों में दिल्ली में बारिश होगी या नहीं, इस पर मौसम विभाग का अनुमान बताएंगे.

चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू, राष्ट्रपति मुर्मू अयोध्या-मथुरा-वृंदावन दौरे पर जाएंगी

17 मार्च 2026

चैत्र नवरात्र के पहले दिन, 19 मार्च को अयोध्या के राम मंदिर में एक विशेष आयोजन होने जा रहा है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी. इस अवसर पर राष्ट्रपति मंदिर के द्वितीय तल के गर्भगृह में श्री राम यंत्र की स्थापना करेंगी. यह स्वर्ण जड़ित, चार फीट लंबा और तीन फीट चौड़ा यंत्र दो साल पहले कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती द्वारा अयोध्या भेजा गया था. धर्मशास्त्रों के अनुसार, इस यंत्र पर प्रभु राम के बीज मंत्र अंकित हैं और इसे दिव्य ऊर्जा व आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है. इस आयोजन के लिए मंदिर परिसर में नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान चल रहे हैं और इसमें देशभर से 300 संत, महामंडलेश्वर और लगभग 7000 अतिथि शामिल होंगे. राष्ट्रपति का यह अयोध्या दौरा उनके तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक दौरे का हिस्सा है, जिसमें वह मथुरा-वृंदावन के मंदिरों का भी भ्रमण करेंगी.

चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च से, पहले दिन मां शैलपुत्री की होती है पूजा..देखिए रिपोर्ट

17 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च से हो रहा है. इस बार नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:52 से 7:43 तक है. ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार 19 मार्च को सुबह 6:48 से शाम तक घट स्थापना के लिए कई शुभ मुहूर्त हैं. इनमें सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त दिन में 11:38 से 12:26 तक है जब अभिजीत मुहूर्त और शुभ चौघड़ियां दोनों मिल रही हैं. इस बार नवरात्रि के पहले दिन अमावस्या का संयोग बन रहा है और शुक्ल योग, ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग एक साथ बन रहे हैं. नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है जो स्थिरता और दृढ़ता का प्रतीक हैं.

भजन क्लबिंग में Gen-Z का क्रेज, आध्यात्मिकता और आधुनिकता का फ्यूज़न, युवाओं को दिशा

16 मार्च 2026

भारत में भजन क्लबिंग तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, खासकर युवा पीढ़ी और Gen-Z के बीच। गीतकार साज मल्होत्रा और डॉक्टर प्रखर डागर ने प्राचीन भजनों को गिटार, ड्रम्स, सिंथेसाइज़र जैसे आधुनिक वाद्य यंत्रों के साथ जोड़कर एक अनोखा फ्यूज़न तैयार किया है। साज मल्होत्रा ने कहा कि 'जैसे Maggi मसाला डाल के हम हर खाने को tasty बना देते हैं, ऐसे ही हम techno, EDM और आज के taste का music भजन में डालकर हर भजन को एकदम बढ़िया बनाया है।' यह नाइट क्लब्स का विकल्प बनता जा रहा है जहां युवा हनुमान चालीसा, शिव तांडव स्तोत्र जैसे भजनों पर झूम रहे हैं। दिल्ली के पुराने किले और जयपुर में आयोजित कार्यक्रमों में हर उम्र के लोग शामिल हो रहे हैं। यह आध्यात्मिकता को आधुनिकता के साथ जोड़ने का माध्यम बन रहा है।

जयपुर में भजन क्लबिंग का सुरूर, साज मल्होत्रा और डॉ. प्रखर डागर ने बांधा समा..देखिए रिपोर्ट

16 मार्च 2026

जयपुर में भजन क्लबिंग का एक खास आयोजन हुआ, जिसमें साज मल्होत्रा और डॉ. प्रखर डागर ने पारंपरिक भजनों को आधुनिक संगीत शैली में प्रस्तुत किया. इस इवेंट में हनुमान चालीसा, शिव तांडव स्तोत्र, 108 राम नाम और राधे-राधे जैसे भक्ति गीत शामिल थे. डॉ. प्रखर डागर ने बताया कि भजन क्लबिंग युवा पीढ़ी को आध्यात्म से जोड़ने का एक सुंदर माध्यम है. उन्होंने कहा कि यह एक रेवोल्यूशन है जो लोगों तक भक्ति की शक्ति पहुंचा रहा है. साज मल्होत्रा ने बताया कि वे पॉजिटिविटी फैलाना चाहती हैं. इस कार्यक्रम में ड्रम्स, इलेक्ट्रिक गिटार, बेस गिटार और सिंथ जैसे आधुनिक वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल किया गया. दोनों कलाकार पेशे से डॉक्टर हैं और कोविड के दौरान ऑनलाइन भजन सेशन के माध्यम से करीब आए.

जानें चारधाम यात्रा के नए नियम और क्यों हैं जरूरी, देखिए खास रिपोर्ट

15 मार्च 2026

अक्षय तृतीया से चारधाम यात्रा की शुरुआत होगी, लेकिन इस बार कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। यात्रियों के लिए पहले से registration अनिवार्य किया गया है। Videography और reel बनाने पर रोक लगाई गई है। Helicopter से आने वाले यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था की गई है ताकि लंबी कतारों में प्रतीक्षा न करनी पड़े। Taxi और tour operators के लिए trip card लगाना अनिवार्य होगा, जिस पर यात्री, driver, वाहन मालिक का नाम और number की पूरी जानकारी होगी। मंदिर में भीतरी पूजा पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे अन्य श्रद्धालुओं के दर्शन में बाधा न आए। अनास्थावान लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है। ये सभी नियम भक्तों की सुविधा और आस्था की रक्षा के लिए बनाए गए हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि बद्रीनाथ धाम मोक्ष प्राप्ति का स्थान है, जबकि केदारनाथ धाम में भगवान शिव की आराधना से कष्टों का निवारण होता है।