मथुरा-वृंदावन में 14 फरवरी से ही होली के रंग शुरू हो चुके हैं और 4 मार्च तक यह त्योहार मनाया जाएगा. इन 20 दिनों में देश-विदेश से करीब 40 लाख श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन पहुंचेंगे. पुलिस ने हुड़दंगियों और मनचलों से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. पूरे मथुरा-वृंदावन को सात अलग-अलग जोन और 18 सेक्टर में बांटा गया है. हर जोन में एक एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी तैनात किए गए हैं. ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी, मचान और सादी वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. महिला पुलिसकर्मी भी बड़ी संख्या में ड्यूटी पर लगाई गई हैं. पुलिस ने अपील की है कि लोग धैर्य बनाए रखें और महिला श्रद्धालुओं की गरिमा का ध्यान रखें.
होली 2025 के अवसर पर ज्योतिष विशेषज्ञों ने राशियों और रंगों के विशेष संबंध पर जानकारी साझा की है. ज्योतिष आचार्य राज मिश्रा के अनुसार, इस वर्ष बृहस्पति का अतिचारी होना और सूर्य-मंगल व शुक्र-शनि का संयोग ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है. मेष राशि के लिए लाल और गुलाबी रंग शुभ है, जबकि वृषभ और मिथुन के लिए हरा रंग विकास का प्रतीक बताया गया है. कर्क राशि हेतु सफेद और लाल चंदन, सिंह के लिए केसरिया, और कन्या के लिए पीला रंग आर्थिक स्थिरता लाने वाला है. तुला राशि के लिए सुनहरा रंग भाग्यवर्धक है, वहीं वृश्चिक के लिए गुलाबी, धनु के लिए पीला, मकर के लिए लाल और मीन के लिए हरा-लाल रंग लाभदायक रहेगा. कुंभ राशि वालों को होलिका दहन की राख के प्रयोग की सलाह दी गई है. अंक ज्योतिष के अनुसार मूलांक 5 से 9 तक के लिए भी विशेष रंग निर्धारित किए गए हैं. विशेषज्ञों ने कलर साइकोलॉजी और पंच तत्वों के आधार पर रंगों के चयन और मंत्रोच्चार के महत्व पर भी प्रकाश डाला है.
साल 2026 में होली की तारीख को लेकर ज्योतिषियों और पंचांगों में बड़ा असमंजस है, जिसका मुख्य कारण फाल्गुन पूर्णिमा पर लगने वाला पूर्ण चंद्रग्रहण है. यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना है जो होली के अवसर पर घटित हो रही है. पंचांग के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च की शाम से शुरू होकर 3 मार्च 2026 की शाम तक रहेगी. 3 मार्च को चंद्रग्रहण लगने के कारण सूतक काल प्रभावी रहेगा, जिससे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं. इसी वजह से होलिका दहन की तिथि को लेकर विद्वानों में मतभेद है. कुछ 2 मार्च को भद्रा काल के बाद दहन की सलाह दे रहे हैं, तो वहीं कुछ 3 मार्च को ग्रहण समाप्त होने के बाद इसे उचित बता रहे हैं. इन सभी ज्योतिषीय स्थितियों को देखते हुए, अधिकांश विशेषज्ञ 4 मार्च को प्रतिपदा तिथि पर रंगों की होली (धुलेंडी) मनाने को शास्त्रसम्मत मान रहे हैं.
मथुरा वृंदावन में 14 फरवरी से शुरू हुई 20 दिनों की होली के दौरान देश-विदेश से करीब 40 लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पुलिस ने हुड़दंगियों और मनचलों से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। पूरे मथुरा वृंदावन को सात अलग-अलग जोन और 18 सेक्टर में बांटा गया है। हर जोन में एडिशनल एसपी रैंक के अफसर तैनात हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए दस गुंडा दमन दल बनाए गए हैं और एंटी रोमियो स्क्वाड भी तैनात है। ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी और मचान से निगरानी की जा रही है। पूर्व के वर्षों में महिला पर्यटकों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके पोस्टर जारी किए गए हैं। आसपास के जिलों से भी पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं और महिला पुलिसकर्मियों की भी बड़े पैमाने पर तैनाती की गई है। बांके बिहारी मंदिर सहित प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग और होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं।
गुड न्यूज़ टुडे के इस विशेष प्रसारण में अवध की पारंपरिक होली और फाग महोत्सव का उल्लास देखने को मिला. संतों और भक्तों ने भगवान के पावन दरबार में पारंपरिक गीत गाकर होली का पर्व मनाया. इस दौरान एक अज्ञात वक्ता ने कहा, 'और आप सभी देशवासियों को होली पर्व की अनंत मंगल शुभकामनाएं. अवध की पारंपरिक होली भगवान के पावन दरबार से संतों के बीच' कार्यक्रम में फागुन माह के रंग और उल्लास को दर्शाते हुए कई लोकगीत गाए गए. गायकों ने 'राम सिया खेले होरिया', 'अपनी सासुरार मोहन खेलई होली' और 'भरत के ऊपर मांडवी रंग डाले' जैसे भजनों के जरिए भगवान राम, माता सीता और भगवान कृष्ण की होली का सुंदर वर्णन किया. इसके अलावा राजस्थानी और पारंपरिक लोकगीतों की प्रस्तुति ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. यह पूरा कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, भक्ति और होली के पावन पर्व के पारंपरिक स्वरूप को बेहद खूबसूरती के साथ प्रस्तुत करता है.
होली के अवसर पर ग्रहों की स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव हो रहे हैं. 2 मार्च को शुक्र के मीन राशि में प्रवेश से मालव्य राजयोग बनेगा, वहीं 3 मार्च को होलिका दहन से पूर्व चंद्र ग्रहण लगेगा जो भारत में 27 मिनट तक प्रभावी रहेगा. 7 मार्च से 13 अप्रैल तक शनि मीन राशि में अस्त रहेंगे, जिससे साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित जातकों को राहत मिल सकती है. 15 मार्च को सूर्य के मीन राशि में प्रवेश से त्रिग्रही योग का निर्माण होगा. हालांकि, 2 अप्रैल तक कुंभ राशि में मंगल और राहु की युति से अंगारक योग बना रहेगा, जिससे दुर्घटना और कलह की आशंका है. ज्योतिष गणना के अनुसार वृषभ, मिथुन और तुला राशि के लिए समय उन्नतिदायक है, जबकि सिंह, कुंभ और मकर राशि वालों को स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी. विशेषज्ञों ने इस अवधि में राजनीतिक उथल-पुथल और सोने की कीमतों में वृद्धि की संभावना जताई है. नकारात्मकता दूर करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ और होलिका दहन की राख के प्रयोग जैसे उपाय सुझाए गए हैं.
होली के त्योहार से पहले देशभर के मठ-मंदिरों में उत्सव का माहौल है. काशी के मणिकर्णिका घाट पर रंगभरी एकादशी के बाद चिता की भस्म और गुलाल के साथ पारंपरिक मसाने की होली खेली गई, जिसमें शिव भक्तों ने 'हर हर महादेव' के जयकारे लगाए. वहीं, अयोध्या में संतों ने फूलों से और मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में गुलाल की बरसात के बीच होली मनाई. राजस्थान के खाटूश्याम मंदिर में 350 साल पुरानी परंपरा के तहत बाबा श्याम चांदी के रथ पर नगर भ्रमण के लिए निकले. त्योहार के मद्देनजर, उत्तर रेलवे लगभग 700 अतिरिक्त विशेष ट्रेनें चला रहा है और स्टेशनों पर अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान की गई हैं. इसी बीच, भारतीय वायुसेना ने राजस्थान के पोखरण रेंज में 'वायु शक्ति 2026' युद्धाभ्यास के दौरान राफेल और सुखोई सहित 130 से अधिक विमानों के साथ दिन-रात में अपनी सटीक मारक क्षमता का प्रदर्शन किया. खेल जगत में, जम्मू-कश्मीर ने 67 साल में पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है.
आठ साल के रणवीर सिंह सचदेवा AI Impact Summit 2026 में सबसे कम उम्र के keynote speaker बने। दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 February के बीच आयोजित इस summit में 100 देशों के नेताओं, technocrat और business leaders की मौजूदगी में रणवीर ने कहा, 'Knowledge, Wisdom, Truth. The pursuit of the three pillars of Indian thought and philosophy have always been considered as the highest human goals.' उन्होंने modern technology को प्राचीन सनातन मूल्यों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। France के राष्ट्रपति Emmanuel Macron, Brazil के राष्ट्रपति Lula de Silva, UN महासचिव Antonio Guterres, Google के CEO Sundar Pichai और OpenAI के CEO Sam Altman समेत दुनिया भर के दिग्गज इस summit में मौजूद थे। रणवीर ने अपने खुद के develop किए Indian AI model के use case से participants को रूबरू कराया। वह पांच साल की उम्र में दुनिया का सबसे कम उम्र का Apple Swift programmer बन गए थे।
भारत ने रक्षा प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है, जो 'मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल' (MIRV) तकनीक से लैस है. इस कामयाबी के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके पास यह उन्नत मिसाइल क्षमता है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह मिसाइल 5,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तक परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और एक साथ कई लक्ष्यों को सटीकता से भेद सकती है. भारत का मिसाइल कार्यक्रम गति के आधार पर भी वर्गीकृत है, जिसमें सबसोनिक (पृथ्वी), सुपरसोनिक (ब्रह्मोस) और हाइपरसोनिक मिसाइलें (शौर्य) शामिल हैं. क्रूज मिसाइलें जेट इंजन से वायुमंडल के भीतर उड़ान भरती हैं, जबकि बैलिस्टिक मिसाइलें वायुमंडल से बाहर जाकर लंबी दूरी तय करती हैं. K-15 सागरिका और शौर्य जैसी मिसाइलें भारत को जल, थल और नभ से परमाणु हमले की क्षमता प्रदान कर एक मज़बूत सामरिक बढ़त दिलाती हैं.
राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना ने वायु शक्ति 2026 अभ्यास के तहत अपनी सबसे बड़ी फायर पावर क्षमता का प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में 130 विमान शामिल हुए जिनमें 77 लड़ाकू विमान, 43 हेलीकॉप्टर और 8 परिवहन विमान थे। राफेल, सुखोई, मिराज 2000, जगुआर, अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर ने दिन और रात दोनों समय सटीक हमले की क्षमता दिखाई। अभ्यास में 12 हजार किलो विस्फोटक और 277 हथियारों का इस्तेमाल किया गया। आकाश और स्पाइडर मिसाइल सिस्टम ने हवाई खतरों को रोकने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला मेगा अभ्यास था जिसमें वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में हमले का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस अभ्यास के गवाह बने। C-295 और C-130J विमानों ने विशेष बलों की तैनाती का प्रदर्शन किया।
रंगभरी एकादशी के शुभ अवसर पर काशी, मथुरा, अयोध्या और हरिद्वार में भव्य होली उत्सव मनाया गया। काशी में बाबा विश्वनाथ और मां पार्वती की शोभायात्रा निकाली गई और महाशमशान हरिश्चंद्र घाट पर चिता भस्म से होली खेली गई। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव मां पार्वती का गौना कराकर काशी लाए थे और अपने गणों के साथ श्मशान पर होली खेली थी। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में विश्व प्रसिद्ध फूलों वाली होली का आयोजन हुआ। ब्रज की चालीस दिवसीय होली का उल्लास चरम पर रहा। अयोध्या में हनुमानगढ़ी से संतों ने हुड़दंग होली खेली और पंचकोसी परिक्रमा के लिए निकले। हरिद्वार के जूना अखाड़े में संतों ने गाय के गोबर और पंचगव्य से अनोखी होली खेली। रंगभरी एकादशी से देशभर में होली के पांच दिवसीय उत्सव की औपचारिक शुरुआत हो गई।