दिल्ली की जमा देने वाली सर्दी में हज़ारों बेघर लोग फुटपाथ पर सोने को मजबूर हैं, जहां हर पल खतरा है। गुड न्यूज़ टुडे की इस खास रिपोर्ट में मनीषा झा ने इन लोगों की मुश्किलों को बयां किया है। एक बेघर व्यक्ति ने कहा, 'हम गरीब जरूर हैं पर जिंदगी में कभी कुछ गलत नहीं किया। शायद यही वह ताकत है जो हमें जिंदगी जीने का हौसला देती है।' यह रिपोर्ट दिखाती है कि कैसे कुछ लोग आसमान को ही अपनी छत और ज़मीन को बिस्तर बनाकर जी रहे हैं। एक बच्चे के पास उसके सपनों के घर की ड्राइंग मिली। इस मुश्किल में दिल्ली पुलिस इन लोगों के लिए मददगार साबित हो रही है, जो उन्हें रैन बसेरों तक पहुंचा रही है। यह कहानी गरीबी, मजबूरी और इंसानियत की एक मार्मिक तस्वीर पेश करती है।
यह कहानी दर्द से शुरू होकर हिम्मत, संघर्ष और आत्मनिर्भरता पर आकर ठहरती है। यह उन एसिड अटैक सर्वाइवर्स की कहानी है जिन्होंने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी मुश्किल के आगे घुटने नहीं टेके। एक सर्वाइवर कहती हैं, 'चेहरा तुम बंद करो मुझे बंद करने की जरूरत नहीं है, आंखें तुम्हारी गंदी है, मेरी आंखें बहुत साफ है तो मैं ऐसे ही चलूंगी और ऐसे ही रहूंगी।' इस रिपोर्ट में कई महिलाओं ने अपनी आपबीती साझा की, जिसमें किसी को उसके पति ने, किसी को सौतेली माँ ने, तो किसी को पड़ोसी ने एसिड से जला दिया। इन महिलाओं ने छांव फाउंडेशन और सिरोज हैंगआउट कैफे के माध्यम से न केवल एक नया जीवन शुरू किया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की। इनमें से एक महिला को एक दिन के लिए जिले का डीएम भी बनाया गया, तो किसी ने 'छपाक' जैसी फिल्म में भी काम किया। ये सभी अब आत्मनिर्भर हैं और दूसरों को हौसला दे रही हैं।
एम्स और आईसीएमआर की हालिया स्टडी ने खुलासा किया है कि अच्छा दिखने का दबाव युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है. अध्ययन के अनुसार, लगभग 30% मोटे और 15% अधिक वजन वाले युवाओं में बॉडी इमेज को लेकर गहरी चिंता देखी गई है. यह समस्या सिर्फ मोटापे तक सीमित नहीं, बल्कि दुबलेपन से ग्रस्त युवा भी बॉडी इमेज एंजाइटी का सामना कर रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, परिवार, दोस्तों और सोशल मीडिया पर होने वाली बॉडी शेमिंग से युवाओं में लो सेल्फ-एस्टीम, डिप्रेशन और एंजाइटी बढ़ रही है. इस विषय पर मनोवैज्ञानिक डॉ. निशा खन्ना, न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. कनिका मल्होत्रा और लाइफस्टाइल कोच मीनल दत्ता ने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के संतुलन पर जोर दिया. डॉ. खन्ना ने तनाव प्रबंधन के लिए 'S-T-R-E-S-S' फॉर्मूला (स्पोर्ट्स, ट्रिप्स, एंटरटेनमेंट, ईटिंग हैबिट्स, शेयरिंग, साउंड स्लीप) अपनाने की सलाह दी. विशेषज्ञों का मानना है कि सुंदरता से ज्यादा स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और फिटनेस पर ध्यान देना आवश्यक है.
एम्स और आईसीएमआर की एक हालिया स्टडी ने युवाओं में बढ़ती 'बॉडी इमेज एंग्जायटी' को लेकर चिंताजनक खुलासा किया है. इस अध्ययन में 18 से 30 साल के 1071 युवाओं को शामिल किया गया. एम्स के प्रोफेसर, डॉ. पीयूष रंजन के नेतृत्व में हुई इस रिसर्च के अनुसार, मोटापे से ग्रस्त युवा, सामान्य वजन वालों की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा बॉडी इमेज एंग्जायटी का सामना करते हैं. डॉ. रंजन ने बताया कि वेट मैनेजमेंट प्रोग्राम अक्सर इसलिए असफल होते हैं क्योंकि उनमें व्यक्ति की साइकोलॉजी और आसपास के ओबेसोजेनिक माहौल को नजरअंदाज किया जाता है. मनोवैज्ञानिक डॉ. निशा खन्ना के अनुसार, बॉडी शेमिंग की शुरुआत बचपन में ही हो जाती है, जो आगे चलकर लो सेल्फ-एस्टीम और डिप्रेशन का कारण बनती है. विशेषज्ञों ने तनाव को मोटापे का एक बड़ा कारण बताते हुए प्राणायाम और मेडिटेशन युक्त एक संतुलित जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर पर 1026 में हुए आक्रमण के 1000 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में भाग लिया. 8 से 11 जनवरी तक चले इस आयोजन में प्रधानमंत्री एक भव्य शौर्य यात्रा में शामिल हुए, जहां उन्होंने डमरू भी बजाया. इस अवसर पर बटुक ब्राह्मणों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया, जो गुरुकुल परंपरा के तहत पूरी सृष्टि के कल्याण की कामना का प्रतीक है. डमरू की ध्वनि का सांस्कृतिक महत्व गहरा है, क्योंकि माना जाता है कि इसी से निकले 14 महेश्वर सूत्रों से संस्कृत व्याकरण और देवनागरी लिपि का आधार बना. प्रधानमंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में महाभिषेक और महाआरती भी की. उन्होंने देश के युवाओं से अपनी धरोहरों की रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया ताकि विनाशकारी ताकतों को नाकाम किया जा सके. इस पर्व के दौरान ड्रोन शो और सामूहिक ओम मंत्र जाप जैसे कार्यक्रम भी हुए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ धाम में आयोजित 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में हिस्सा लिया. यह कार्यक्रम 1026 में महमूद गजनबी द्वारा मंदिर पर हुए हमले के 1000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में सोमनाथ के गौरव और स्वाभिमान के प्रतीक के रूप में मनाया गया. इस अवसर का एक मुख्य आकर्षण 'शौर्य यात्रा' रही, जिसमें 108 घुड़सवार शामिल हुए, जो मंदिर की रक्षा में शहीद हुए स्थानीय योद्धाओं को श्रद्धांजलि का प्रतीक है. प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ महादेव के दर्शन कर महाभिषेक, महाआरती और ॐकार महाजाप में भाग लिया. उन्होंने एक ड्रोन शो और आतिशबाजी का भी अवलोकन किया. इस चार दिवसीय उत्सव में देश के 20 राज्यों से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं. यह आयोजन सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने से ठीक पहले हो रहा है, जिसे 11 मई 1951 को प्रतिष्ठित किया गया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होकर पूजा-अर्चना की, इस दौरान 3000 ड्रोन से सोमनाथ के इतिहास को प्रदर्शित किया गया। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में संगम में आस्था की डुबकी लगाई और तैयारियों का जायजा लिया। एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, भारतीय नौसेना उत्तरी बंगाल की खाड़ी में निगरानी बढ़ाने के लिए पश्चिम बंगाल के हल्दिया में एक नया नौसैनिक अड्डा स्थापित करेगी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने घोषणा की कि पोंगल को अब 'द्रविड़ पोंगल' के रूप में मनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य समानता को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार ने दिल्ली में आयोजित एक समारोह में वीरता पुरस्कार प्रदान किए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जयपुर में नव नियुक्त पुलिस कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
गुजरात के सोमनाथ धाम में चल रहे स्वाभिमान पर्व के तीसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर में दर्शन किए और ओमकार मंत्र जाप में हिस्सा लिया। शुभम सिंह ने बताया, 'सोमनाथ में वह सबसे पहले दर्शन करने पहुंचे और उसके बाद ओमकार जप ओमकार मंत्र जाप जो है उसमें भी शिरकत करेंगे और उसके बाद मंदिर समिति की जो बैठक है ट्रस्ट की उसकी अध्यक्षता करेंगी तो तमाम कार्यक्रम में पीएम मोदी शिरकत करने वाले हैं।' स्वाभिमान पर्व का अंतिम दिन 11 जनवरी 2026 को शौर्य यात्रा व महाआरती का आयोजन होगा जिसमें गुजरात पुलिस के 108 अश्व शामिल होंगे। सोमनाथ के इतिहास के 1000 वर्ष पूरे होने पर भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और महाभिषेक सहित कई आयोजन होंगे। देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आगमन हुआ है।
गुड न्यूज़ टुडे पर एंकर शुभम सिंह ने मकर संक्रांति के पर्व का महत्व समझाया। इस साल मकर संक्रांति की तारीख को लेकर असमंजस है कि इसे 14 या 15 जनवरी को मनाया जाए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 'जब सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं तब उसे मकर संक्रांति कहा जाता है।' इस दिन से सूर्य उत्तरायण होते हैं और खरमास समाप्त हो जाता है, जिससे विवाह जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। यह पर्व भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है, जैसे उत्तर प्रदेश में खिचड़ी, पंजाब में लोहड़ी, तमिलनाडु में पोंगल और असम में बिहू। इस दिन तिल, गुड़ और खिचड़ी के सेवन और दान का विशेष महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भीष्म पितामह ने देह त्यागी थी और मां गंगा सागर में मिली थीं, इसलिए इस दिन स्नान-दान का पुण्य फल मिलता है।
बिहार के समस्तीपुर से निकले 14 वर्षीय क्रिकेट सेंसेशन वैभव सूर्यवंशी अपनी उम्र से कहीं आगे निकलकर कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। हाल ही में, उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भारतीय यूथ वनडे टीम की कप्तानी करते हुए टीम को अजेय बनाया। विजय हजारे ट्रॉफी में, वैभव ने सिर्फ 59 गेंदों पर 150 रन बनाकर एबी डिविलियर्स का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा। आईपीएल में भी, वह शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बने। उनकी असाधारण प्रतिभा के लिए उन्हें 25 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वैभव की इस सफलता के पीछे उनके पिता संजीव सूर्यवंशी का अथक त्याग और समर्पण है, जिन्होंने अपना सब कुछ दांव पर लगाकर बेटे के सपने को साकार किया। यह कहानी एक बेटे की मेहनत और एक पिता के संकल्प की है जो क्रिकेट के मैदान पर चमत्कार बनकर उभरी है।
चीन और पाकिस्तान से बढ़ते खतरों के बीच, भारतीय सेना अपनी युद्ध क्षमताओं का अभूतपूर्व विस्तार कर रही है. इस आधुनिकीकरण के तहत 'रुद्र' ऑल आर्म ब्रिगेड और 'भैरव' लाइट कमांडो बटालियन जैसी नई लड़ाकू इकाइयों का गठन किया गया है. 'रुद्र' ब्रिगेड एक ही कमांड के तहत इन्फेंट्री, टैंक, तोपखाने, स्पेशल फोर्सेज़ और ड्रोन जैसी विभिन्न इकाइयों को एकीकृत करेगी, ताकि सीमाओं पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके. तकनीकी मोर्चे पर, सेना आईआईटी मद्रास के सहयोग से रैमजेट इंजन वाले तोप के गोले विकसित कर रही है, जो तोपों की मारक क्षमता को दोगुना कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त, चीन सीमा पर लॉजिस्टिक्स और निगरानी के लिए 'रोबोटिक म्यूल' तैनात किए गए हैं. यह आधुनिकीकरण भारत की विशिष्ट सैन्य बलों, जैसे नौसेना के मार्कोस, वायु सेना के गरुड़ कमांडो और सेना के पैरा एसएफ की क्षमताओं को और मजबूती प्रदान करेगा.