भारत में भजन क्लबिंग तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, खासकर युवा पीढ़ी और Gen-Z के बीच। गीतकार साज मल्होत्रा और डॉक्टर प्रखर डागर ने प्राचीन भजनों को गिटार, ड्रम्स, सिंथेसाइज़र जैसे आधुनिक वाद्य यंत्रों के साथ जोड़कर एक अनोखा फ्यूज़न तैयार किया है। साज मल्होत्रा ने कहा कि 'जैसे Maggi मसाला डाल के हम हर खाने को tasty बना देते हैं, ऐसे ही हम techno, EDM और आज के taste का music भजन में डालकर हर भजन को एकदम बढ़िया बनाया है।' यह नाइट क्लब्स का विकल्प बनता जा रहा है जहां युवा हनुमान चालीसा, शिव तांडव स्तोत्र जैसे भजनों पर झूम रहे हैं। दिल्ली के पुराने किले और जयपुर में आयोजित कार्यक्रमों में हर उम्र के लोग शामिल हो रहे हैं। यह आध्यात्मिकता को आधुनिकता के साथ जोड़ने का माध्यम बन रहा है।
जयपुर में भजन क्लबिंग का एक खास आयोजन हुआ, जिसमें साज मल्होत्रा और डॉ. प्रखर डागर ने पारंपरिक भजनों को आधुनिक संगीत शैली में प्रस्तुत किया. इस इवेंट में हनुमान चालीसा, शिव तांडव स्तोत्र, 108 राम नाम और राधे-राधे जैसे भक्ति गीत शामिल थे. डॉ. प्रखर डागर ने बताया कि भजन क्लबिंग युवा पीढ़ी को आध्यात्म से जोड़ने का एक सुंदर माध्यम है. उन्होंने कहा कि यह एक रेवोल्यूशन है जो लोगों तक भक्ति की शक्ति पहुंचा रहा है. साज मल्होत्रा ने बताया कि वे पॉजिटिविटी फैलाना चाहती हैं. इस कार्यक्रम में ड्रम्स, इलेक्ट्रिक गिटार, बेस गिटार और सिंथ जैसे आधुनिक वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल किया गया. दोनों कलाकार पेशे से डॉक्टर हैं और कोविड के दौरान ऑनलाइन भजन सेशन के माध्यम से करीब आए.
अक्षय तृतीया से चारधाम यात्रा की शुरुआत होगी, लेकिन इस बार कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। यात्रियों के लिए पहले से registration अनिवार्य किया गया है। Videography और reel बनाने पर रोक लगाई गई है। Helicopter से आने वाले यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था की गई है ताकि लंबी कतारों में प्रतीक्षा न करनी पड़े। Taxi और tour operators के लिए trip card लगाना अनिवार्य होगा, जिस पर यात्री, driver, वाहन मालिक का नाम और number की पूरी जानकारी होगी। मंदिर में भीतरी पूजा पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे अन्य श्रद्धालुओं के दर्शन में बाधा न आए। अनास्थावान लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है। ये सभी नियम भक्तों की सुविधा और आस्था की रक्षा के लिए बनाए गए हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि बद्रीनाथ धाम मोक्ष प्राप्ति का स्थान है, जबकि केदारनाथ धाम में भगवान शिव की आराधना से कष्टों का निवारण होता है।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर में फागुन माह के दौरान भक्तों ने दिल खोलकर दान दिया। मंदिर प्रशासन के अनुसार दान पेटियों समेत अन्य माध्यमों से कुल 46 करोड़ 58 लाख 32 हजार 924 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई। इसमें भंडार दान पेटी से 36 करोड़ 57 लाख 87 हजार 642 रुपये मिले जबकि मनी ऑर्डर और ऑनलाइन भेंट से 10 करोड़ 45 हजार 282 रुपये की प्राप्ति हुई। भक्तों ने लगभग 3 किलो सोना और 152 किलो से अधिक चांदी भी अर्पित की। श्रद्धालु मानते हैं कि सांवलिया सेठ की कृपा से हर मनोकामना पूरी होती है। व्यापारी समुदाय विशेष रूप से भगवान को अपना बिजनेस पार्टनर मानता है और मुनाफे का हिस्सा मंदिर में चढ़ाता है। मंदिर की स्थापना लगभग 1840 में हुई थी जब भोला राम गुर्जर को सपने में चार मूर्तियां मिलने का संकेत मिला।
बिहार के पूर्वी चंपारण में देश की पहली आदिवासी महिला बटालियन का गठन किया गया है। महिला स्वाभिमान बटालियन में सिर्फ थारू जनजाति की महिलाएं शामिल हैं। इस बटालियन का गठन 2012-13 में बिहार सरकार ने किया और 2018 में भर्तियां शुरू हुईं। वर्तमान में 675 महिला कांस्टेबल इस बटालियन में सेवारत हैं जो आठ प्लाटून में बंटी हैं। यह बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) की 23 बटालियनों में से एक है लेकिन इसका कोई नंबर नहीं है क्योंकि यह सबसे खास है। थारू जनजाति मुख्य रूप से पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर में रहती है जहां 2 लाख से अधिक आबादी है। इन महिलाओं को महाराष्ट्र में कमांडो ट्रेनिंग दी गई है। इनकी ड्यूटी VIP सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में लगती है। बटालियन की एक महिला सिपाही ललिता मरांडी ने ड्रैगन बोट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक भी जीता है।
कश्मीर की वादियों में मार्च के महीने में बसंत का आगमन हो चुका है। श्रीनगर का प्रसिद्ध बादामबारी उद्यान सफेद और गुलाबी फूलों से सज गया है, जहां हजारों पर्यटक पहुंच रहे हैं। हरि पर्वत की तलहटी में स्थित इस उद्यान में बादाम के पेड़ों पर खिले फूल दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। वहीं जबरवान पहाड़ियों की तलहटी में स्थित एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन 16 मार्च से आम जनता के लिए खोला जाएगा। इस बार करीब 70 से 75 किस्मों के लगभग 18 लाख ट्यूलिप यहां खिलेंगे। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस ट्यूलिप फेस्टिवल का उद्घाटन करेंगे। मार्च में ताजा बर्फबारी ने पहाड़ों को सफेद चादर से ढंक दिया है। डल झील में शिकारे सज गए हैं और सैलानियों की आमद शुरू हो गई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि समय से पहले फूलों का खिलना जलवायु परिवर्तन की ओर इशारा करता है।
भारतीय सेना, नियंत्रण रेखा (LOC) से लेकर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) तक, अपनी सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए स्नाइपर्स को कठोर प्रशिक्षण दे रही है. 'एक गोली, एक कमांडर' के आदर्श वाक्य के साथ, इन सैनिकों को धैर्य, छलावरण और बेहतर अवलोकन जैसे गुणों में महारत हासिल कराई जाती है. सेना के स्नाइपर ट्रेनिंग कार्यक्रमों में व्यापक बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत महू, गुलमर्ग और मिजोरम में विभिन्न परिस्थितियों के लिए बेसिक और एडवांस कोर्स चलाए जाते हैं. ये स्नाइपर हमेशा जोड़ी में काम करते हैं, जिसमें स्पॉटर लक्ष्य की दूरी और हवा की गति जैसी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है. आधुनिक हथियारों से लैस, भारतीय सेना के स्नाइपर ड्रैगुनोव एसवीयू, .338 लापुआ मैग्नम, सिग सॉर 716 और AK203 जैसी राइफलों का उपयोग करते हैं. विशेष रूप से, 500 मीटर रेंज वाली सिग सॉर 716 कभी जाम नहीं होती, जबकि AK203 इंसास से हल्की और अधिक घातक है. यह भारत के रक्षा क्षेत्र की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है कि अब 'मेड इन इंडिया' स्नाइपर राइफलों का निर्यात भी शुरू हो गया है.
गुड न्यूज़ टुडे के शो 'बंदे में है दम' में Team India के head coach गौतम गंभीर के सफरनामे पर चर्चा की गई। 8 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत ने New Zealand को 96 रनों से हराकर T20 World Cup 2026 जीता। गंभीर ने खिलाड़ियों को 'गंभीर doctrine' के तहत तैयार किया, जिसमें बिना डरे और बिना pressure में आए natural game खेलने पर जोर दिया गया। अभिषेक शर्मा को शुरुआती तीन मैचों में फेल होने के बावजूद लगातार मौका देने का फैसला सही साबित हुआ जब उन्होंने फाइनल में 21 गेंदों पर 52 रन बनाए। 9 जुलाई 2024 को head coach बनने के बाद गंभीर के कार्यकाल में यह पहला विश्व कप था। गंभीर ने 2007 T20 World Cup और 2011 World Cup में बल्लेबाज के रूप में भारत को जिताने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। वह अब 2027 World Cup के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर कुलदीप यादव आज मसूरी के वेलकम होटल द सेवॉय में अपनी बचपन की दोस्त वंशिका से शादी के बंधन में बंध जाएंगे। दोनों ने पिछले साल जून में सगाई की थी और शादी पहले नवंबर में तय हुई थी, लेकिन टी20 विश्व कप के कारण तारीख आगे बढ़ाई गई। शादी की तैयारियां 12 मार्च से चल रही हैं और हल्दी, मेहंदी और संगीत की रस्में धूमधाम से हुईं। युजवेंद्र चहल, रिंकू सिंह और उनकी मंगेतर प्रिया सरोज, फील्डिंग कोच टी दिलीप और ऋषभ पंत समेत कई क्रिकेटर मसूरी पहुंच चुके हैं। महेंद्र सिंह धोनी और जय शाह के भी आने की चर्चा है। लगभग दो सौ मेहमानों के आने की उम्मीद है, जिनमें रोहित शर्मा, सूर्य कुमार यादव और गौतम गंभीर शामिल हैं। शादी के बाद 17 मार्च को लखनऊ में भव्य रिसेप्शन होगी।
चित्तौड़गढ़ के श्री सांवलिया सेठ मंदिर में फाल्गुन माह के दौरान रिकॉर्ड तोड़ चढ़ावा आया है। 18 जनवरी से 1 मार्च के बीच मंदिर में 46 करोड़ 58 लाख 32 हजार 924 रुपए नकद और करीब 8 करोड़ 70 लाख रुपए के सोना-चांदी के गहने चढ़ाए गए। इसमें तीन किलो सोना और 150 किलो से ज्यादा चांदी शामिल है। देशभर से आए श्रद्धालु भगवान श्री कृष्ण के इस रूप को अपना व्यापार साझेदार मानते हैं और मुनाफे का हिस्सा यहां अर्पित करते हैं। मंदिर में स्थापित प्रतिमा की पूजा संत मीराबाई किया करती थीं। अयोध्या में 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राम मंदिर के द्वितीय तल पर श्री राम महायंत्र की स्थापना करेंगी। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर में फागुन माह के उपलक्ष्य में खोली गई दान पेटियों से कुल 46 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक दान प्राप्त हुआ है. इसमें 36 करोड़ 57 लाख रुपये नकदी, 10 करोड़ रुपये मनी ऑर्डर और ऑनलाइन भेंट तथा लगभग 3 किलो सोना और 152 किलो से अधिक चांदी शामिल है. यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण को सांवलिया सेठ के रूप में पूजता है, जहां व्यापारी उन्हें अपना बिजनेस पार्टनर मानते हैं. मंदिर की स्थापना लगभग 1840 में हुई थी जब भोलाराम गुर्जर नामक ग्वाले को सपने में मूर्तियों के बारे में संकेत मिला था. मान्यता है कि संत मीराबाई भी इन प्रतिमाओं की पूजा करती थीं. पिछले 30 सालों में मंदिर का चढ़ावा 340 गुना बढ़ा है.