भारतीय सिनेमा में 'बाहुबली' की सफलता के बाद पौराणिक और ऐतिहासिक फिल्मों का चलन तेजी से बढ़ा है. फिल्म निर्माता अब आधुनिक तकनीक और वीएफएक्स (VFX) के साथ रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों पर आधारित मेगा बजट प्रोजेक्ट्स तैयार कर रहे हैं. इस बीच, चर्चा है कि अभिनेता सलमान खान जल्द ही पर्दे पर महाभारत के पात्र 'कर्ण' की भूमिका में नजर आ सकते हैं. गुड न्यूज टुडे की एंकर श्वेता झा के साथ पैनल चर्चा में इस बात पर विमर्श किया गया कि क्या स्थापित स्टारडम वाले अभिनेताओं को ऐसे पौराणिक किरदार निभाने चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार, इन किरदारों के लिए प्रामाणिकता, सही नीयत और आध्यात्मिक झुकाव आवश्यक है, क्योंकि ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ पर फिल्मों को विरोध का सामना भी करना पड़ता है. आज के दौर में उन्नत तकनीक ने इन बड़े किरदारों को पर्दे पर उतारना आसान बना दिया है, जिससे बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है.
भारतीय सेना अपनी युद्धक क्षमताओं को आधुनिक बनाने के लिए बड़े कदम उठा रही है. 'प्रोजेक्ट राइनो' के तहत सेना अपने 2400 से अधिक पुराने T-72 'अजेय' टैंकों को अत्याधुनिक मानवरहित रोबोटिक कॉम्बैट व्हीकल में तब्दील करेगी. 'अदिति 4.0' पहल के जरिए इन टैंकों में ऑटोनोमस किट, 360-डिग्री कैमरे, LIDAR और रडार लगाए जाएंगे, जिससे ये AI की मदद से बिना इंसानों के संचालित हो सकेंगे. इससे इनकी सेवा अवधि 2045-2050 तक बढ़ जाएगी. इसके साथ ही, लद्दाख में चीन का मुकाबला करने के लिए डीआरडीओ और एलएंडटी द्वारा विकसित 25 टन का स्वदेशी लाइट माउंटेन टैंक 'जोरावर' 2027 तक सेना में शामिल होने की उम्मीद है. वर्तमान में भारतीय सेना के पास T-90 भीष्म और स्वदेशी अर्जुन टैंक की मजबूत फ्लीट है. T-90 भीष्म पानी के अंदर चलने और रात में हमला करने में सक्षम है, जबकि अर्जुन टैंक कंचन आर्मर और लेजर वार्निंग सिस्टम से लैस है.
गुड न्यूज़ टुडे के शो 'बंदे में है दम' में टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा के क्रिकेट करियर और जीवन के पहलुओं को दिखाया गया है. रोहित शर्मा को देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री से नवाजा गया है. उनकी कप्तानी में भारत ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप और 2025 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता है. 23 जून 2007 को इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले रोहित शुरुआत में ऑफ स्पिनर बनना चाहते थे, लेकिन कोच दिनेश लाड की सलाह पर उन्होंने बल्लेबाजी चुनी. आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. 2008 आईपीएल में तीन करोड़ मिलने और 2011 वर्ल्ड कप टीम में न चुने जाने के बाद उन्होंने अपने खेल में काफी सुधार किया. वनडे में तीन दोहरे शतक और 2019 वर्ल्ड कप में पांच शतक लगाने वाले रोहित ने अपने टेस्ट डेब्यू में 177 रन बनाए थे. उनके पिता गुरुनाथ शर्मा को उनका टेस्ट क्रिकेट खेलना सबसे ज्यादा पसंद है. अब देश को 2027 वर्ल्ड कप में उनसे जीत की उम्मीद है.
देशभर के कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी एक समस्या बनी हुई है. लखनऊ अग्निकांड के बाद भी दिल्ली, गाजियाबाद, भोपाल और जयपुर जैसे शहरों में कोचिंग सेंटर्स संकरी गलियों में बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हैं. इन संस्थानों में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता है, और बाहर बिजली के तारों का जाल फैला है. अधिकांश इमारतों में अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम और आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं है. नियमों का उल्लंघन कर ऊपरी मंजिलों पर कक्षाएं चलाई जा रही हैं, जिससे आपातकालीन स्थिति में फायर ब्रिगेड या एंबुलेंस का पहुंचना लगभग असंभव है. ऐसे में छात्रों और अभिभावकों को दाखिला लेने से पहले संस्थान की फायर एनओसी, सुरक्षा इंतजामों और एंट्री-एक्जिट रास्तों की जांच करनी चाहिए. प्रशासन को भी इन कोचिंग सेंटर्स पर नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराना होगा ताकि हादसों को रोका जा सके.
असम के गुवाहाटी स्थित नीलांचल पर्वत पर विराजमान मां कामाख्या का दिव्य दरबार तीन दिन बंद रहने के बाद शुक्रवार सुबह श्रद्धालुओं के लिए खुल गया है। अंबुबाची मेले के अवसर पर 22 जून को प्रवृत्ति अनुष्ठान के बाद मंदिर के कपाट तीन दिनों तक बंद रखे गए थे। मान्यता है कि इस दौरान मां कामाख्या वार्षिक रजस्वला काल से गुजरती हैं। कपाट खुलते ही देश और दुनिया से आए साधुओं, तांत्रिकों और आम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ गर्भगृह में प्राकृतिक शिला के दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने भी मंदिर पहुंचकर मां के दर्शन किए और जनकल्याण की प्रार्थना की। कामाख्या मंदिर को 51 शक्तिपीठों में सबसे प्रमुख माना जाता है। तंत्र साधना के लिए यह दुनिया का अहम केंद्र है, जहां अंबुबाची मेले के दौरान आध्यात्मिक ऊर्जा अपने चरम पर होती है। इस मौके पर मिलने वाले अंगोदक और अंग वस्त्र को श्रद्धालु अत्यंत शुभकारी मानते हैं।
इंसान सदियों से लंबी उम्र और अमरता का रहस्य जानने की कोशिश कर रहा है. आज आधुनिक विज्ञान उम्र बढ़ाने के तरीकों पर शोध कर रहा है. 'वेलकम टू द जंगल' के प्रमोशन के दौरान अभिनेता अक्षय कुमार ने सेहत की अहमियत बताते हुए कहा कि पैसे से बड़ी सेहत है और असली फिटनेस रोज की अच्छी आदतों से बनती है. वहीं, ब्राज़ील में 100 साल से अधिक उम्र की तीन बहनों (109, 104 और 103 साल) को गिनीज ने सबसे उम्रदराज जीवित बहनों के रूप में मान्यता दी है. साओ पाउलो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता 'डीएनए लॉन्ग वे प्रोजेक्ट' के तहत इनकी लंबी उम्र के रहस्य को समझने के लिए इनके डीएनए का अध्ययन कर रहे हैं. दूसरी ओर, चीन में विक्ट्री डे परेड के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन के बीच एक बातचीत सामने आई है, जिसमें वे बायोटेक्नोलॉजी, अंग प्रत्यारोपण और 150 साल तक जीवित रहने की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं. विशेषज्ञों का भी मानना है कि सदी के अंत तक इंसानों का 122 या 150 वर्ष तक जीवित रहना संभव हो सकता है.
विश्व की प्राचीनतम नगरी काशी तेजी से आधुनिकता की राह पर आगे बढ़ रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर देश के पहले 'हब एंड स्पोक' मॉडल का शुभारंभ किया है। इस मॉडल के जरिए टीयर-2 और टीयर-3 शहरों के यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि इमिग्रेशन और लगेज चेकिंग अब वाराणसी में ही पूरी हो जाएगी। इसके अलावा, काशीवासियों को जल्द ही देश के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे की सौगात मिलने वाली है। कैंट से गोदोलिया तक चार किलोमीटर लंबे इस रोपवे का अधिकतम किराया 50 रुपये तय किया गया है, जिससे श्रद्धालु जाम से बचते हुए सीधे घाट तक पहुंच सकेंगे। साथ ही, गंजारी में भगवान शिव, गंगा और काशी की थीम पर बन रहे पूर्वांचल के पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। साल 2027 में यहां पहला मैच खेले जाने की उम्मीद है.
अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी. 57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए अब तक साढ़े तीन लाख से अधिक श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी ने आकार लेना शुरू कर दिया है. यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी के साथ-साथ सेना के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा के लिए 70 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है. भगवती नगर बेस कैंप में एनएसजी और एसओजी ने आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की. जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात ने नुनवान बेस कैंप का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इसके अलावा, संदिग्ध लोगों की एंट्री रोकने के लिए गाइड, पालकी संचालक और सेवादारों के लिए इस बार तकनीक आधारित क्यूआर (QR) कोड वाला पहचान पत्र जारी किया गया है.
आगामी 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं. तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में 70 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है. यात्रा मार्ग पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और भारतीय सेना के जवान मोर्चा संभाल रहे हैं. आपात स्थिति से निपटने के लिए बेस कैंप में एनएसजी कमांडो और सुरक्षाबलों द्वारा लगातार मॉक ड्रिल की जा रही है. सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए इस बार तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है. मार्ग में सेवा देने वाले गाइड, पालकी संचालक, घोड़े वालों और दुकानदारों के लिए विशेष क्यूआर कोड आधारित डिजिटल पहचान पत्र जारी किए गए हैं. यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी और अब तक साढ़े तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालु अपना पंजीकरण करा चुके हैं. चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और निर्भय होकर बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें.
असम के गुवाहाटी स्थित नीलांचल पहाड़ी पर मौजूद कामाख्या देवी मंदिर में चार दिनों के अंबुबाची मेले की शुरुआत हो चुकी है. इस धार्मिक उत्सव में शामिल होने के लिए देश भर से करीब आठ से 10 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं, जिनमें सामान्य लोगों के अलावा साधु, तांत्रिक और अघोरी भी शामिल हैं. शाक्त परंपरा में अंबुबाची उत्सव को देवी की सृजन शक्ति और पुनर्जागरण का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि इस वार्षिक मेले के दौरान देवी कामाख्या रजस्वला होती हैं। इसी वजह से तीन दिनों तक मंदिर के कपाट पूरी तरह बंद रहते हैं.
गुवाहाटी के कामाख्या देवी मंदिर में चार दिनों तक चलने वाले अंबुबाची मेले की शुरुआत हो चुकी है। इस दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु, तांत्रिक और अघोरी मंदिर पहुंच रहे हैं। मान्यता के अनुसार, इन तीन दिनों में मां कामाख्या रजस्वला होती हैं, जिसके चलते मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। 26 जून को विशेष अनुष्ठान के बाद कपाट दोबारा खोले जाएंगे। इसके साथ ही, कश्मीर के गांदरबल स्थित तुलमुला में माता खीर भवानी मंदिर में भी कश्मीरी पंडितों का बड़ा मेला लगा है। यहां मौजूद पवित्र कुंड के पानी का रंग बदलना भविष्य के संकेत के रूप में देखा जाता है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में 3 जुलाई से शुरू होने जा रही अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद हैं। जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप में एनएसजी, एसओजी, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने मिलकर मॉक ड्रिल की है ताकि यात्रा मार्ग और यात्रियों की सुरक्षा को पूरी तरह से सुनिश्चित किया जा सके।