अमरनाथ यात्रा इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक कुल 56 दिनों तक चलेगी. श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास सहित पहलगाम और बालटाल बेस कैंपों में तैयारियां तेज कर दी हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आरएफआईडी (RFID) कार्ड और ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य किया गया है. अब तक लगभग चार लाख श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं, जिसके लिए आयु सीमा 13 से 70 वर्ष निर्धारित है. यात्रा मार्ग को चौड़ा किया गया है और फोर-बाय-फोर वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित की गई है. उधमपुर में 31 लॉजमेंट सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं और मेडिकल सुविधाओं का विस्तार किया गया है. कश्मीर में निरंतर बर्फबारी के कारण इस बार बाबा बर्फानी के दर्शन लंबे समय तक होने की संभावना है. पोनी और पिट्ठू संचालकों का पंजीकरण भी शुरू हो चुका है. मध्य प्रदेश के छतरपुर से श्रद्धालु दंडवत यात्रा करते हुए रामबन पहुंच रहे हैं. रक्षाबंधन तक चलने वाली इस यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है.