जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. करीब 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी. बालटाल और पहलगाम बेस कैंप में श्रद्धालुओं के लिए लंगर, ठहरने और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है. बालटाल में अमरनाथ श्राइन बोर्ड और सुरक्षा बलों ने 10 से 15 हजार लोगों के रुकने के लिए टेंट सिटी बनाई है. सुरक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और सीआरपीएफ की 670 से अधिक कंपनियां तैनात की गई हैं. बम डिस्पोजल और डॉग स्क्वॉड मार्ग की चेकिंग कर रहे हैं. इस बार बिना आरएफआईडी (RFID) कार्ड के यात्रा की अनुमति नहीं है. महिला श्रद्धालुओं की सहायता के लिए सीआरपीएफ ने महिला कमांडोज की 'मे आई हेल्प यू' टीम तैनात की है. श्रद्धालु बम-बम भोले के जयकारों के साथ पवित्र गुफा की ओर बढ़ रहे हैं.