अयोध्या में 27 मार्च को रामनवमी का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस दिन राम मंदिर में सुबह 9 बजे से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री राम का पंचगव्य, सरयू जल और सुगंधित द्रव्यों से अभिषेक होगा। दोपहर 12 बजे भगवान श्री राम के जन्म का प्रकट उत्सव मनाया जाएगा और इसके बाद सूर्य तिलक होगा। मिरर और लेंस के जरिए सूर्य की किरणें चार मिनट तक रामलला के मस्तक पर पड़ेंगी। मंदिर प्रशासन ने 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के लिए सुविधा और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। जगह-जगह होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी। इस साल एक नई परंपरा शुरू हुई है - मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि से भगवान राम के लिए विशेष प्रसाद भेजा गया है जिसमें धनिया की पंजीरी, लड्डू, फल, पंचमेवा और वस्त्र शामिल हैं। देशभर के देवी मंदिरों में भी नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की पूजा हो रही है।