उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। 23 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से अब तक तीन लाख से अधिक भक्त भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और पार्किंग के पुख्ता इंतजाम किए हैं। बद्रीनाथ को धरती का बैकुंठ कहा जाता है, जहां भगवान विष्णु साक्षात विराजमान हैं। इस धाम से कई पौराणिक रहस्य जुड़े हैं। यहां मौजूद तप्त कुंड का पानी हमेशा गर्म रहता है, जिसमें स्नान करने से थकान और कष्ट दूर होने की मान्यता है। सर्दियों में छह महीने कपाट बंद रहने के दौरान भी मंदिर के गर्भगृह में अखंड ज्योति जलती रहती है। इसके अलावा, धार्मिक मान्यताओं के कारण बद्रीनाथ मंदिर परिसर में शंख बजाना पूरी तरह से वर्जित है। नर-नारायण पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित इस धाम में दर्शन के बिना चारधाम यात्रा अधूरी मानी जाती है।