ओडिशा के पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में बनकलगी नामक एक विशेष और गुप्त अनुष्ठान संपन्न किया गया, जिसके दौरान मंदिर के कपाट चार घंटे तक बंद रहे। इस अनुष्ठान को श्रीमुख शृंगार भी कहा जाता है, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की मूर्तियों के मुखमंडल का विशेष शृंगार किया जाता है. इस प्रक्रिया में प्राकृतिक रंगों, जड़ी बूटियों, कस्तूरी और कपूर जैसे तत्वों से उनके चेहरे पर लेपन किया जाता है. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और केवल चुनिंदा सेवायत ही इस गोपनीय प्रक्रिया में शामिल होते हैं.