वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के प्रबंधन हेतु एक हाई पावर कमेटी ने ठाकुर जी की मूर्ति को गर्भगृह से निकालकर जगमोहन (बाहरी चबूतरा) में स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है, ताकि भक्तों को सुगमता से दर्शन हो सकें. इस निर्णय ने मंदिर के सेवायत गोस्वामियों को दो गुटों में बांट दिया है. एक पक्ष भक्तों की सुविधा के लिए इसे उचित मानता है, वहीं दूसरा पक्ष इसे सदियों पुरानी परंपरा का उल्लंघन और प्राण प्रतिष्ठित मूर्ति की मर्यादा के विरुद्ध बता रहा है. विरोध कर रहे सेवायतों का तर्क है कि ठाकुर जी केवल विशेष त्योहारों पर ही गर्भगृह से बाहर आते हैं. यह बहस वीवीआईपी दर्शन और मंदिर के सरकारीकरण जैसे मुद्दों तक भी पहुंच गई है, जिससे आस्था और व्यवस्था के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है.