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Special Report: भोपाल पुलिस का शक्ति कैफे, घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की आत्मनिर्भरता की कहानी, जानिए इसकी कहानी

भोपाल पुलिस ने घरेलू हिंसा और सामाजिक प्रताड़ना की शिकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'शक्ति कैफे' (Shakti Cafe) पहल की शुरुआत की है. भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र के अनुसार, इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य कानूनी कार्रवाई के बाद महिलाओं के सामने आने वाली आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का समाधान करना है. वर्तमान में भोपाल के कोलार रोड और गोविंदपुरा सहित 18 थानों के परिसर में ये कैफे संचालित किए जा रहे हैं. इस पहल के अंतर्गत पुलिस महिलाओं को बैंक से लोन दिलाने में सहायता करती है ताकि वे स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें. बिमला, पिंकी काली और मीना भट्ट जैसी कई महिलाएं इन कैफे के माध्यम से स्वावलंबी बनकर अपने बच्चों की शिक्षा और घर का खर्च उठा रही हैं. इस मॉडल की सफलता को देखते हुए भोपाल पुलिस अब इसे शहर के सभी 34 थानों में विस्तार देने की योजना बना रही है. यह पहल पीड़ित महिलाओं को समाज में सम्मानजनक जीवन जीने और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस मंच प्रदान करती है.