बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुजुर्ग माता-पिता के पक्ष में एक कानूनी फैसला सुनाया है. अदालत के अनुसार, यदि बच्चे अपने माता-पिता की देखभाल करने का वादा पूरा नहीं करते हैं, तो पूर्व में की गई प्रॉपर्टी ट्रांसफर या गिफ्ट डीड को रद्द किया जा सकता है. यह फैसला 'मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजंस एक्ट 2007' के तहत लिया गया है. इस मामले में लोअर परेल स्थित फ्लैट के ट्रांसफर को कोर्ट ने रद्द कर माता-पिता को वापस करने का आदेश दिया. कानून के तहत ट्रिब्यूनल बुजुर्गों को आर्थिक सहायता दिला सकता है और आदेश न मानने पर बच्चों को जुर्माना या तीन महीने की जेल हो सकती है. विशेषज्ञों ने बुजुर्गों को अपनी संपत्ति जीते जी गिफ्ट करने के बजाय वसीयत बनाने की सलाह दी है. किसी भी सहायता के लिए बुजुर्ग हेल्पलाइन नंबर 14567 का उपयोग कर सकते हैं.