उत्तराखंड में चार धाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है और इस वर्ष 60 लाख से अधिक भक्तों के पहुंचने का अनुमान है. अब तक 22 लाख से ज्यादा लोग पंजीकरण करा चुके हैं. गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही हजारों श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं. इस विशेष चर्चा में विशेषज्ञों ने बताया कि यात्रा के दौरान मन में सात्विकता और शुद्ध भाव होना अनिवार्य है. तीर्थयात्रियों को यमुनोत्री से पके हुए चावल का प्रसाद और यमुना जल, गंगोत्री से गंगाजल और पवित्र माटी, केदारनाथ से रुद्राक्ष और भस्म, तथा बद्रीनाथ से तुलसी की माला, बेर का प्रसाद और दक्षिणावर्ती शंख लाना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन पवित्र वस्तुओं को घर की उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में रखने से वास्तु दोष दूर होते हैं और नवग्रह संतुलित रहते हैं. शुद्ध भाव से की गई यह यात्रा सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है.