गृह मंत्रालय की साइबर विंग द्वारा जारी एडवाइजरी के बीच मोबाइल फोन पर फर्जी ऐप्स, फिशिंग लिंक्स और थर्ड-पार्टी एपीके फाइलों के माध्यम से बढ़ते साइबर फ्रॉड और वित्तीय धोखाधड़ी पर विशेषज्ञों ने डिजिटल सुरक्षा से जुड़े नियमों व सावधानियों की जानकारी दी है. विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया विज्ञापनों, फर्जी ट्रैफिक चालान या गैस पाइपलाइन बिल के नाम पर भेजे जाने वाले अनजान लिंक्स से फोन हैक कर कैमरा, माइक्रोफोन, एसएमएस और कॉल्स का एक्सेस ले लिया जाता है. इसके बाद वेरिफिकेशन के नाम पर आधार, पैन कार्ड और यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी हासिल कर बैंक खातों से धोखाधड़ी की जाती है. इसके साथ ही फर्जी लोन ऐप्स और डेटा ब्रीच से जुड़े खतरों से बचने के लिए अज्ञात स्रोतों से ऐप डाउनलोड न करने, ऐप परमिशन सीमित रखने, रेटिंग व रिव्यू जांचने और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.