भारत ने सैन्य आधुनिकीकरण के तहत 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है. डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) द्वारा स्वीकृत इन सौदों में 98 प्रतिशत खरीद सीधे घरेलू उद्योगों से की जाएगी, जिससे 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' अभियान को बढ़ावा मिलेगा. इसके तहत सेना के लिए CBRN रेकी व्हीकल, हाई मोबिलिटी व्हीकल्स, सेल्फ प्रोपेल्ड मैकेनिकल माइन लेयर्स, ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर, 75 मीटर लंबा 'सर्वत्र' ब्रिजिंग सिस्टम और ग्राउंड बेस्ड मल्टी पर्पज जैमर्स शामिल किए गए हैं. इसके अलावा नौसेना के लिए 4D मीडियम पावर अरूद्रा रडार और T-72 व T-90 टैंकों की सुरक्षा के लिए 975 करोड़ रुपये के स्वदेशी ट्रॉल सिस्टम का समझौता किया गया है. ये उपकरण एलएसी (LAC) और एलओसी (LoC) जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की निगरानी, गतिशीलता और मारक क्षमता को मजबूत करेंगे.