दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में वायु प्रदूषण के स्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दिल्ली और नोएडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 से 300 के पार पहुंचने के बाद ग्रैप (GRAP) के पहले चरण के प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। प्रशासन ने 1 नवंबर से गैर-बीएस6 वाहनों पर रोक और 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम के निर्देश जारी किए हैं। वायु प्रदूषण नियंत्रण के तहत डीएमआरसी ने मेट्रो के 20 फेरे बढ़ाए हैं और निर्माण स्थलों पर 250 से अधिक एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं। मुंबई में वायु गुणवत्ता को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पराली और स्थानीय कारणों से बढ़ रहा पीएम 2.5 फेफड़ों, दिल और दिमाग के लिए हानिकारक है, जिससे ब्रोंकाइटिस और सांस की समस्याएं बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने नागरिकों को N95 मास्क पहनने और बाहरी गतिविधियां सीमित करने का सुझाव दिया है।