धनतेरस के साथ देश भर में पांच दिवसीय दीपावली महापर्व की शुरुआत हो गई है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी पर समुद्र मंथन के दौरान भगवान धनवंतरी अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, जिनकी पूजा से आरोग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है. शाम को अकाल मृत्यु और बीमारियों के भय से मुक्ति के लिए मुख्य द्वार पर यमराज के निमित्त यम दीपम जलाने का विधान है. देश भर के बाजारों में खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है. लखनऊ और मुंबई के जवेरी बाजार में सोने-चांदी के सिक्के, गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां और लाइटवेट ज्वेलरी की भारी मांग देखी गई. वहीं जयपुर के बर्तन बाजार में तांबे, पीतल और कांसे के बर्तनों के अलावा प्रेशर कुकर की बिक्री जोरों पर रही. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार धनतेरस पर प्रदोष काल और वृषभ काल में मां लक्ष्मी और धनवंतरी की पूजा अत्यंत शुभ मानी जाती है.