दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में अंडरग्रेजुएट कोर्सेज के लिए दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. छात्र सीयूईटी यूजी स्कोर के आधार पर सीएसएएस (CSAS) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इस साल 67 कॉलेजों की करीब 71 हजार सीटों पर तीन चरणों में एडमिशन होना है. विशेषज्ञों और करियर काउंसलर्स के अनुसार, छात्रों को कॉलेज के बजाय हमेशा पसंदीदा कोर्स को प्राथमिकता देनी चाहिए और अपना 'प्लान बी' तैयार रखना चाहिए. ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के छात्रों के पास 31 मार्च के बाद का अपडेटेड सेंट्रल सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है, वहीं गैप ईयर वाले छात्रों को केवल एक अंडरटेकिंग देनी होगी. नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत बीए प्रोग्राम भी एक विकल्प है. पहली अलॉटमेंट लिस्ट में सीट मिलने पर उसे स्वीकार कर लें और प्रेफरेंस लिस्ट को ध्यान से भरें. इसके अलावा, स्पॉट राउंड शुरुआती चरणों के बाद खाली बची सीटों के लिए आयोजित किया जाएगा.