नवरात्रि के पावन अवसर पर दुर्गा अष्टमी और नवमी पूजन को लेकर विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं. इस बार सूर्य के तुला राशि में प्रवेश करने से बुध और शुक्र के साथ त्रिग्रही राजयोग का निर्माण हो रहा है, साथ ही सर्वार्थ सिद्धि, रवि योग और द्वितीया योग भी बन रहे हैं. कार्यक्रम में ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि अष्टमी और नवमी तिथि 19 अक्टूबर को पूजी जाएगी. सुबह 10 बजकर 15 मिनट से पहले अष्टमी का कन्या पूजन किया जा सकता है, जबकि 10:27 से 11:15 बजे तक का समय संधि काल रहेगा. इसके बाद अभिजीत मुहूर्त में नवमी पूजन और 3:48 बजे तक हवन किया जा सकता है. इसके साथ ही सभी 12 राशियों पर इस गोचर और दुर्लभ योगों के प्रभाव तथा माता की कृपा पाने के विशेष उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई.