शारदीय नवरात्रि के समापन के बाद विजयादशमी और दशहरा पर्व की सही तिथि को लेकर पंचांग गणना के आधार पर विवरण सामने आया है। अश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से आरंभ होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। ज्योतिषीय आकलन के अनुसार दशमी तिथि, श्रवण नक्षत्र और प्रदोष काल के योग के चलते 20 अक्टूबर को दशहरा और रावण दहन आयोजित करना शास्त्रसम्मत माना गया है। इस संदर्भ में विजय मुहूर्त, अपराह्न काल, अपराजिता पूजन, शमी पूजा और नवरात्रि व्रत पारण के समय का निर्धारण किया गया है। इसके अतिरिक्त भगवान राम और महाभारत में पांडवों द्वारा किए गए शमी पूजन की परंपरा, शस्त्र पूजन, आधुनिक उपकरणों की पूजा तथा नवमी तिथि पर कन्या पूजन, हवन और माता सिद्धिदात्री की उपासना से जुड़े तथ्यों की समीक्षा की गई है।