देशभर में गणेशोत्सव का पर्व भव्य और अनोखे अंदाज में मनाया जा रहा है. मुंबई के लालबाग के राजा, परेल के राजा के विट्ठल अवतार और घाटकोपर के भावेश्वर राजा के नवग्रह-सूर्य नारायण स्वरूप के दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है. किंग सर्कल के GSB महागणपति का 66 किलो से अधिक सोने व 335 किलो चांदी से अलौकिक शृंगार किया गया है, जिसे 703 करोड़ रुपये से अधिक का बीमा कवर मिला है. गुजरात के सूरत में 25-30 किलो सोने-चांदी व हीरों से जड़े डालियाशेरी गणपति और ओझर के विघ्नहर मंदिर में 200 साल पुराने पेशवाकालीन आभूषणों से बप्पा का शृंगार हुआ. पुणे के श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति में वृंदावन के प्रेम मंदिर की थीम बनाई गई है, जबकि 21,000 पानीपुरी से बनी मूर्ति भी चर्चा में है. इसके अलावा आंध्र प्रदेश में 2,11,000 पेनों और 21,000 पौधों, ओडिशा में सिक्कों व च्युइंग गम, वाशिम में मसालों और हरिद्वार में अर्धकुंभ थीम पर आधारित भव्य गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं.