मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सराफा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. MCX पर चांदी 2,70,484 रुपये और सोना 1,62,598 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति पर संकट की आशंका से निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की ओर रुख कर रहे हैं. वर्तमान में सोना 1,61,000 रुपये और चांदी 2,62,000 रुपये के स्तर पर है. बाजार के ओवरबॉट ज़ोन में होने के कारण विशेषज्ञों ने खुदरा निवेशकों को FOMO से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी है. पोर्टफोलियो प्रबंधन के तहत कुल बचत का अधिकतम 25% हिस्सा ही कीमती धातुओं में रखने का सुझाव दिया गया है, जिसमें डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF को प्राथमिकता दी गई है. लंबी अवधि के निवेशकों के लिए SIP एक विकल्प हो सकता है, लेकिन मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए नई खरीदारी के लिए बाजार के स्थिर होने की प्रतीक्षा करना अनिवार्य है.