2 अगस्त को मंगल देव वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जो 18 सितंबर तक इसी स्थिति में रहेंगे। मंगल का यह राशि परिवर्तन देश और दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों पर बड़ा प्रभाव डालेगा। इस अवधि में शनि और मंगल परस्पर केंद्र में होंगे, जिससे दुनिया भर में उथल-पुथल, दुर्घटनाएं और प्राकृतिक आपदाएं आ सकती हैं। स्वतंत्र भारत की कुंडली में मिथुन का मंगल होने के कारण आंतरिक अशांति और राजनीतिक फेरबदल की संभावना है। मेष, सिंह, कन्या और मकर राशि वालों के लिए यह परिवर्तन शुभ परिणाम लाएगा, जबकि वृषभ, मिथुन और वृश्चिक राशि के लोगों को स्वास्थ्य, धन और दुर्घटनाओं से विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है। ज्योतिषीय समाधान के रूप में ओम क्रां क्रीं क्रों सह भौमाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करने और भगवान कार्तिकेय का स्मरण करने की सलाह दी गई है।