देशभर में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं और पूरा देश आजादी के जश्न के लिए तैयार है. राजधानी दिल्ली में स्थित ऐतिहासिक लाल किला एक बार फिर उस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है, जब प्रधानमंत्री तिरंगा फहराएंगे. लाल किले का निर्माण 17वीं सदी में मुगल शासक शाहजहां ने कराया था, जब उन्होंने अपनी राजधानी आगरा से दिल्ली स्थानांतरित की थी. 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आजाद हिंद फौज के अधिकारियों पर चले मुकदमों तक, लाल किला भारत के संघर्ष और राष्ट्रवाद का केंद्र रहा. 16 अगस्त 1947 की सुबह देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पहली बार लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराया था. तब से लेकर आज तक हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले से देश को संबोधित करते हैं. लाल किला केवल एक इमारत नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान और लोकतंत्र की आवाज का प्रतीक है.