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Indian Army की नई ताकत: 'भैरव' और 'रुद्र' ब्रिगेड से लेकर मार्कोस तक, दुश्मनों के लिए काल

चीन और पाकिस्तान से सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारतीय सेना अपनी युद्धक क्षमता का आधुनिकीकरण कर रही है. सेना भविष्य के युद्धों के लिए बाज बटालियन, अश्विनी ड्रोन प्लाटून, शक्तिबाण रेजीमेंट, दिव्यास्त्र बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर ब्रिगेड जैसी नई इकाइयां शामिल कर रही है. सेना साल 2026 में पहली बार 'इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप' (IBG) और 'रुद्र ऑल आर्म्स ब्रिगेड' को शामिल करेगी. 17 माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स के तहत संचालित होने वाले एक IBG में करीब 5000 जवान होंगे जो पूरी तरह आत्मनिर्भर होंगे. इसके अलावा, भैरव लाइट कमांडो बटालियन के तहत एक लाख से अधिक सैनिकों को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है, जिन्हें नियंत्रण रेखा (LoC) पर तैनात किया जाएगा. रेगिस्तान और पहाड़ी क्षेत्रों में त्वरित सैन्य कार्रवाई के लिए भैरव बटालियन की 15 इकाइयां गठित की गई हैं. इस राष्ट्रीय सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने में नौसेना के मार्कोस और वायुसेना के गरुड़ कमांडो भी तैनात हैं. 'गुड न्यूज़ टुडे' के कार्यक्रम 'रणक्षेत्र' में देखें सेना की इन तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट.