भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल की समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने के लिए रक्षा परिषद ने 2.38 लाख करोड़ रुपये के रक्षा सौदों को मंजूरी दी है. इसके तहत आत्मनिर्भर भारत अभियान के माध्यम से स्वदेशी होवरक्राफ्ट का निर्माण किया जाएगा, जो सर क्रीक जैसे उथले और दलदली क्षेत्रों में घुसपैठ, हथियार और ड्रग तस्करी रोकने में सहायक होंगे. नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट 17A के तहत स्टील्थ फ्रिगेट 'तारागिरी' और 'INS उदयगिरी' को शामिल किया जा रहा है. ये युद्धपोत ब्रह्मोस मिसाइल, बराक-8 और अत्याधुनिक रडार सिस्टम से लैस हैं. साथ ही, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर क्राफ्ट 'INS माहे' और DRDO द्वारा विकसित ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (AUV) समंदर के भीतर जासूसी और सर्विलांस सुनिश्चित करेंगे. चीन की अरब सागर में बढ़ती मौजूदगी और पाकिस्तान द्वारा चीन से आठ हेंगर क्लास पनडुब्बियां खरीदने की चुनौतियों के बीच, भारत स्वदेशी तकनीक, हमजा एनजी सोनार और आधुनिक हथियारों के जरिए अपनी सामरिक सुरक्षा को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है.