भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा होने जा रहा है। 21 जून को नौसेना के बेड़े में तीन नए स्वदेशी युद्धपोत- आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस अग्रय और आईएनएस संशोधक शामिल होंगे. कोलकाता में होने वाले इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं. आईएनएस दूनागिरी प्रोजेक्ट 17A के तहत बना एक स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट है, जो ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है. वहीं, आईएनएस अग्रय एक एंटी-सबमरीन वारफेयर युद्धपोत है और आईएनएस संशोधक एक सर्वे वेसल है. इन तीनों युद्धपोतों का निर्माण पूरी तरह से भारत में किया गया है. इसके साथ ही, भारत ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बनाया है. वित्त वर्ष 2025-26 में देश का कुल रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 15.6 फीसदी ज्यादा है. इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी 24 फीसदी रही है. इसके अलावा, भारत का रक्षा निर्यात भी 62 फीसदी बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. भारत अब दुनिया के टॉप 25 हथियार निर्यातक देशों में शामिल हो गया है.