रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया है. DRDO ने हल्का लड़ाकू टैंक 'जोरावर' और तीसरी पीढ़ी की 'नाग मार्क-2' एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल का सफल एकीकरण किया है. 25 टन वजनी 'जोरावर' टैंक लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चीनी सेना का मुकाबला करने के लिए है, जिसे हवाई मार्ग से तेजी से तैनात किया जा सकता है. 'नाग मार्क-2' मिसाइल 'दागो और भूल जाओ' क्षमता के साथ दुश्मन के टैंकों पर ऊपर से हमला करती है. वायुसेना के लिए, 200 किलोमीटर से अधिक रेंज वाली 'अस्त्र मार्क-2' और 800 किलोमीटर मारक क्षमता वाला ब्रह्मोस मिसाइल का उन्नत संस्करण विकसित किया जा रहा है. ये स्वदेशी प्रणालियां महंगी विदेशी मिसाइलों का स्थान लेंगी और 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देंगी, जिससे भारत की हवाई ताकत में वृद्धि हुई है.