अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस (International Tiger Day) पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में भारत में बाघों की बढ़ती संख्या और उनके संरक्षण के प्रयासों पर चर्चा की गई है। दुनिया के कुल बाघों में से लगभग 70 फीसदी यानी 3,682 से अधिक बाघ अकेले भारत में हैं। 1973 में शुरू हुए 'प्रोजेक्ट टाइगर' के समय देश में सिर्फ 9 टाइगर रिजर्व थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 58 हो गई है। रिपोर्ट में मध्य प्रदेश के रातापानी टाइगर रिजर्व में रहने वाले 'गुप्ता जी' नामक अल्फा मेल टाइगर की अनोखी कहानी साझा की गई है, जो बिना धारियों वाला (stripe-less) बाघ है। इसके अलावा बांधवगढ़ के 'पुजारी', कान्हा की 'डीजे' और वाल्मीकि नगर के 'अंगद' जैसे बाघों के दिलचस्प नामों का भी उल्लेख है। साथ ही भिलाई के मैत्री बाग चिड़ियाघर में सफेद बाघों (White Tigers) के सफल संरक्षण और मानव-बाघ संघर्ष को रोकने के उपायों पर प्रकाश डाला गया है।