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GNT Special: दिल्ली का मनहूस बंगला, नोएडा-उज्जैन में मुख्यमंत्रियों के अंधविश्वास की अनसुनी कहानी

देश की राजधानी दिल्ली के श्यामनाथ मार्ग पर स्थित बंगला नंबर 33 का जिक्र आते ही राजनीतिक गलियारों में अंधविश्वास की चर्चा शुरू हो जाती है। यह बंगला सौ साल से खड़ा है, लेकिन इसे कभी किसी मुख्यमंत्री का स्थायी घर बनने का सौभाग्य नहीं मिला। माना जाता है कि जो भी इस बंगले में गया, उसे कुर्सी गंवानी पड़ी या बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मनहूस माने जाने वाले बंगले को अब तोड़कर वहां प्रशासनिक कार्यालय बनाने की तैयारी हो रही है। इसी तरह उत्तर प्रदेश के नोएडा और मध्य प्रदेश के उज्जैन से भी कई भ्रांतियां और अंधविश्वास जुड़े रहे हैं। दशकों तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कुर्सी छिनने के डर से नोएडा जाने से बचते रहे, वहीं उज्जैन में भी सत्ताधारियों के रात रुकने को लेकर गहरी भ्रांतियां थीं। हालांकि वर्तमान मुख्यमंत्रियों ने इन शहरों में पहुंचकर पुराने मिथकों को तोड़ा है, लेकिन दिल्ली का यह बंगला अंधविश्वास की भेंट चढ़कर अब हमेशा के लिए खत्म होने जा रहा है।