कानपुर पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो 'AI वाली दुल्हन' का झांसा देकर लोगों को फंसाता था. यह गिरोह 'परफेक्ट रिश्ता' और 'शादी मैच' जैसे नामों से फर्जी कॉल सेंटर चलाकर कुंवारे लड़कों को निशाना बनाता था. आरोपी इंटरनेट से तस्वीरें डाउनलोड कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक से आकर्षक लड़कियों की फर्जी प्रोफाइल बनाते थे. इसके बाद, मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स और सोशल मीडिया के ज़रिए शादी के इच्छुक युवाओं से संपर्क कर उनसे प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए जाते थे. पुलिस ने इस मामले में छापेमारी कर 23 लड़कियों समेत 24 लोगों को गिरफ्तार किया है और 11 बैंक खातों में 41 लाख रुपये के लेनदेन का खुलासा किया है. विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में AI से जुड़े अपराधों के लिए समर्पित कानूनों की कमी है और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की मौजूदा धाराएं ऐसे आधुनिक अपराधों से निपटने के लिए अपर्याप्त हैं, जिससे साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं.