देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महापर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है. मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि समेत देशभर के मंदिरों और इस्कॉन केंद्रों में सुबह से ही दर्शन, पूजन और भजन-कीर्तन का सिलसिला जारी है. मथुरा स्थित भागवत भवन के आसमान पर सैकड़ों ड्रोन के जरिए भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का चित्रण किया जाएगा. जन्मभूमि पर रात में गर्भ पूजन, कलश पूजन और 1008 कमल के पुष्पों से सहस्रार्चन के बाद आधी रात को चांदी के कमल से बाल विग्रह का प्राकट्य होगा और चांदी की कामधेनु गाय से निकले दूध से पंचामृत अभिषेक किया जाएगा. दिल्ली और नोएडा के इस्कॉन मंदिरों में भगवान को 108 से लेकर 500 से अधिक प्रकार के देशी-विदेशी व्यंजनों का महाभोग अर्पित किया जा रहा है. जानकारों के अनुसार जन्माष्टमी से शुरू होकर यह पर्व राधा अष्टमी तक सोलह दिनों तक चलेगा, जिसमें नवमी पर दही हांडी और बाद में छठी पूजन जैसे पारंपरिक उत्सव संपन्न किए जाएंगे.