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Mumbai में गणेश उत्सव की तैयारी, Lalbaugcha Raja के चरणों की पूजा, 1935 से कांबली परिवार बना रहा मूर्ति

मुंबई में 14 सितंबर से शुरू होने वाले गणेश उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं. देश के सबसे प्रसिद्ध गणेश पंडाल 'लालबागचा राजा' की मूर्ति का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. मंगलवार, 9 जून को विधि-विधान के साथ बप्पा के चरणों की मंगल पूजा की गई और प्रतिमा निर्माण का शंखनाद हुआ. लालबागचा राजा को 'नवसाचा गणपति' यानी इच्छा पूरी करने वाले गणपति के रूप में जाना जाता है. 1935 से मुंबई का प्रसिद्ध कांबली परिवार पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस भव्य प्रतिमा को अपने हाथों से गढ़ता आ रहा है. मूर्ति को आकार देने के लिए प्लास्टर ऑफ पेरिस, लकड़ी और बांस के ढांचे का इस्तेमाल किया जाता है. लालबागचा राजा की स्थापना 1934 में स्थानीय व्यापारियों और मछुआरों द्वारा की गई थी, जब एक कपड़ा मिल बंद होने के बाद उन्होंने अपने व्यापार की उन्नति के लिए मन्नत मांगी थी. महाराष्ट्र में गणेश उत्सव का इतिहास छत्रपति शिवाजी महाराज और पेशवाओं के काल से जुड़ा है, जो आज एक भव्य धार्मिक उत्सव का रूप ले चुका है.