प्रयागराज की पावन धरती पर माघ मेला 2026 का भव्य आगाज हो चुका है, जहाँ संगम के किनारे महाकुंभ जैसी दिव्यता और भव्यता नजर आ रही है। मेले के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिसकी सुरक्षा के लिए प्रशासन ने 10,000 पुलिसकर्मी और एटीएस की दो टीमें तैनात की हैं। केदारनाथ से आए भीमगिरी नागा साधु अपने विशिष्ट पहनावे, मुकुट और चश्मे के कारण आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। उन्होंने अपने स्वरूप पर कहा, 'मेरा ये हमेशा ये रूप रहता है और मैं इसी रूप में ज़्यादातर रहता हूँ।' इसके साथ ही, मध्य प्रदेश से आई सुकीना भी अपनी रुद्राक्ष की मालाओं के कारण श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इस बार मेले में सर्वाधसिद्ध योग और महोदय नामक योग जैसे विशेष धार्मिक संयोग बन रहे हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत फलदायी माने जा रहे हैं। 44 दिनों तक चलने वाले इस मेले में कल्पवासी संगम तट पर जप-तप और ध्यान में लीन हैं।