गुड न्यूज टुडे के विशेष कार्यक्रम 'जीएनटी स्पेशल' में महाशिवरात्रि 2026 के पावन पर्व पर भगवान शिव की पूजा के शास्त्र सम्मत विधान की विस्तृत जानकारी दी गई है. कार्यक्रम में बताया गया कि 15 फरवरी को दोपहर 3:59 बजे से चतुर्दशी तिथि शुरू होगी, जिसके साथ ही चार प्रहर की पूजा का क्रम आरंभ हो जाएगा. 'Unidentified speaker' के अनुसार, शिव पूजन में सबसे पहले गणेश जी और नंदीश्वर का आह्वान करना चाहिए. महादेव के अभिषेक के लिए गंगाजल, दूध, दही, शहद और शर्करा के महत्व को समझाया गया है. साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया कि शिव पूजा में केतकी के फूल, हल्दी, कुमकुम और तुलसी का प्रयोग वर्जित क्यों है. मानसिक शांति के लिए गंगाजल और स्वास्थ्य लाभ के लिए दूध से अभिषेक करने की सलाह दी गई है. कार्यक्रम में रात्रि के चारों प्रहरों के सटीक समय और पूजा सामग्री की सूची भी साझा की गई है ताकि भक्त महादेव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें.