महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर देशभर के शिवालयों में उत्सव का माहौल है. जूनागढ़ के भवनाथ धाम में साधु-संतों का जमावड़ा लगा है, जहां एक तपस्वी अपनी 12 फीट लंबी जटाओं और एक पैर पर खड़े होकर की जाने वाली कठिन तपस्या से श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रहे हैं. वहीं, सोमनाथ के तट पर ओडिशा के कलाकारों ने 60 टन रेत का उपयोग कर भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की विशाल प्रतिमा तैयार की है. काशी विश्वनाथ में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहां ठंडाई और भांग के प्रसाद की मांग दोगुनी हो गई है. उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्र के आठवें दिन भगवान का 'उमा महेश' स्वरूप में दिव्य श्रृंगार किया गया. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि की मध्यरात्रि यानी निशीथ काल में की गई पूजा विशेष फलदायी होती है, जो इस वर्ष 15 फरवरी की रात को होगी.