गुड न्यूज़ टुडे पर एंकर शुभम सिंह ने मकर संक्रांति के पर्व का महत्व समझाया। इस साल मकर संक्रांति की तारीख को लेकर असमंजस है कि इसे 14 या 15 जनवरी को मनाया जाए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 'जब सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं तब उसे मकर संक्रांति कहा जाता है।' इस दिन से सूर्य उत्तरायण होते हैं और खरमास समाप्त हो जाता है, जिससे विवाह जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। यह पर्व भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है, जैसे उत्तर प्रदेश में खिचड़ी, पंजाब में लोहड़ी, तमिलनाडु में पोंगल और असम में बिहू। इस दिन तिल, गुड़ और खिचड़ी के सेवन और दान का विशेष महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भीष्म पितामह ने देह त्यागी थी और मां गंगा सागर में मिली थीं, इसलिए इस दिन स्नान-दान का पुण्य फल मिलता है।