प्रयागराज में मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम तट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है. कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच लाखों श्रद्धालु और साधु-संत पवित्र डुबकी लगा रहे हैं. प्रशासन के अनुसार माघ मेले के 16वें दिन तीन से चार करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इस वर्ष मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग, हर्षण योग और अर्धोदय योग जैसे दुर्लभ संयोग बन रहे हैं. ज्योतिषी संजीव अग्निहोत्री ने बताया कि इस दिन मौन व्रत, जप-तप और दान से मन की शुद्धि होती है. पितरों की शांति के लिए तर्पण और ब्राह्मण भोजन का भी विशेष महत्व है. जो लोग संगम नहीं पहुंच सकते, वे घर पर जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं. संगम तट पर कल्पवासी मौन साधना में लीन हैं. सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं. संवाददाता शुभम और पंकज श्रीवास्तव ने घाटों से प्रशासनिक व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के उत्साह का जायजा लिया है.