नवरात्र के दौरान देशभर के प्रमुख शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं का तांता लगा है। गुजरात के बनासकांठा में स्थित अंबाजी शक्तिपीठ में देवी सती के हृदय भाग की पूजा होती है। यह इक्यावन शक्तिपीठों में सबसे श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि यहां मां की मूर्ति नहीं बल्कि विषायंत्र की पूजा होती है। मंदिर का शिखर 141 किलो सोने से मढ़ा गया है और 358 स्वर्ण कलश प्रस्थापित हैं। वहीं पावागढ़ की साढ़े तीन हजार फीट ऊंची चोटी पर स्थित महाकाली मंदिर में 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने 500 साल बाद पहली बार ध्वजा फहराई थी। 14वीं शताब्दी में सुल्तान मोहम्मद बेगड़ा ने इस मंदिर के शिखर को खंडित कर दिया था, जिसका 2017 में पुनर्निर्माण शुरू हुआ। मध्य प्रदेश के रायसेन में स्थित हिंगलाज भवानी धाम की कहानी बलूचिस्तान से जुड़ी है, जहां से लगभग पांच सदी पहले संत भगवान दास ज्योति स्वरूप में मां को लेकर आए थे।