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Navratri Day 7: शत्रु बाधा से मुक्ति और शनि दोष निवारण के लिए करें मां कालरात्रि की पूजा

नवरात्र महापर्व के सातवें दिन आदिशक्ति के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना का विधान है. मां कालरात्रि को दुष्टों की संहारिणी और भक्तों के लिए परम शुभंकरी माना जाता है. कथा के अनुसार, शुंभ-निशुंभ के सेनापतियों चंड-मुंड और रक्तबीज के संहार के लिए देवी ने यह स्वरूप धारण किया था. मां कालरात्रि का ध्यान करने से अज्ञात शत्रुओं, नकारात्मक शक्तियों और भय से मुक्ति मिलती है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, देवी का संबंध सहस्त्रार चक्र और शनि ग्रह से भी है. मध्यरात्रि में लाल या सफेद वस्त्र पहनकर मां को गुड़, लाल फल और फूल अर्पित करने तथा 'ओम ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे' मंत्र के साथ 108 लौंग की आहुति देने से विरोधी शांत होते हैं. साथ ही देवी की आराधना से शनि की ढैया और साढ़ेसाती के कष्टों से भी राहत मिलती है.