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NDRF: कुदरत के कहर से जंग, बाढ़ और बोरवेल रेस्क्यू में NDRF का लाइफ सेविंग मिशन

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की कार्यप्रणाली, इतिहास और देश भर में चलाए जाने वाले राहत व बचाव अभियानों पर आधारित है. बाढ़, तूफान, सुनामी, भूकंप, बादल फटने और इमारतों के ढहने जैसी भीषण प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के समय NDRF की टीम मुस्तैद रहती है. महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंजिला इमारत ढहने से लेकर असम, केरल, गुजरात, उत्तराखंड और पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ तक NDRF के जवानों ने हजारों जिंदगियों को सुरक्षित निकाला है. बिहार के गया में तीन साल के मासूम पीयूष को चार घंटे के कड़े प्रयास के बाद बोरवेल से सकुशल बाहर निकाला गया. 2005 में गठित इस बल में 16 बटालियनें शामिल हैं, जिनमें बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी के 18,500 से अधिक प्रशिक्षित जवान तैनात हैं. आपदा सेवा सदैव सर्वत्र के मूल मंत्र के साथ NDRF रसायन, जैविक व परमाणु आपातस्थिति से निपटने के लिए भी पूरी तरह सक्षम है.