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Pakistan का पाखंड! अहमदिया मुसलमानों पर जुल्म, बलूचिस्तान में घमासान, देखिए

पाकिस्तान में अहमदी मुसलमानों को उनके इस्लामी रीति-रिवाजों का पालन करने और ईद-उल-अजहा मनाने से रोका जा रहा है, यहां तक कि उन्हें नमाज पढ़ने और कुर्बानी देने की भी अनुमति नहीं है. यह कार्रवाई कट्टरपंथियों के दबाव और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से हो रही है, जबकि पाकिस्तान का संविधान अनुच्छेद 20 के तहत हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का हक देता है. दूसरी ओर, बलूचिस्तान में आजादी के लिए संघर्ष कर रहे लोगों की आवाज दबाई जा रही है और पाकिस्तानी सेना द्वारा मानवाधिकारों का हनन किया जा रहा है, जिसमें आतंकवाद निरोधक कानूनों का दुरुपयोग शामिल है. पाकिस्तान अपने आतंकवाद निरोधक कानून का उपयोग बलूच लोगों के विरुद्ध कर रहा है, जिससे बलूचिस्तान में आक्रोश बढ़ रहा है और स्वतंत्रता की मांग तेज हो रही है. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीतियां उजागर हो रही हैं. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, 'इसे भारत पाकिस्तान के रूप में न सोचें, इसे भारत आतंकवाद के रूप में सोचें.' आर्थिक संकट के बावजूद, पाकिस्तान ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने रक्षा बजट में 20% की वृद्धि की है.