पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों के मोक्ष और तर्पण के लिए प्रयागराज, वाराणसी, बद्रीनाथ के ब्रह्मकपाल और गया जी में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. बदलते दौर में प्रयागराज के तीर्थ पुरोहितों ने विदेश में रहने वाले, वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए मोबाइल के जरिए ऑनलाइन तर्पण व पिंडदान की व्यवस्था शुरू की है. हालांकि, वाराणसी के पिशाच मोचन तीर्थ पर पुरोहितों और श्रद्धालुओं के एक वर्ग ने ऑनलाइन श्राद्ध का कड़ा विरोध करते हुए इसे परंपरा के विपरीत बताया है. वहीं, झांसी में सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र तिवारी ने लावारिस और असमर्थ परिवारों के 878 पूर्वजों के पिंडदान का संकल्प लेकर गया जी के लिए प्रस्थान किया. इसके साथ ही गया जी में बारिश के बावजूद लाखों श्रद्धालु फल्गु नदी तट और विष्णुपद मंदिर में अपने पितरों की सद्गति के लिए पिंडदान अनुष्ठान कर रहे हैं.