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राजकोट में धुनुची नृत्य और सिंदूर खेला के साथ दुर्गा पूजा का उत्साह, दशहरे पर 1500 किलो से ज्यादा फाफड़ा तैयार

राजकोट में दुर्गा पूजा और दशहरा पर्व का उत्साह देखने को मिला। पूजा पंडाल में बंगाली समुदाय की महिलाओं ने देवी दुर्गा के नौवें स्वरूप की आराधना करते हुए ढाक की थाप पर पारंपरिक धुनुची नृत्य किया। श्रद्धालुओं ने बताया कि अग्नि शक्ति का प्रतीक है और धुनुची के पवित्र धुएं से नकारात्मक शक्तियां व मौसमी बीमारियां दूर रहती हैं। इसके बाद विजयादशमी और सिंदूर खेला के आयोजन का जिक्र किया गया। वहीं, विजयादशमी के अवसर पर राजकोट के बाजारों में फाफड़ा और जलेबी खरीदने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। दुकानदारों और कारीगरों ने बताया कि सुबह से ही 1500 किलो से अधिक फाफड़ा तैयार किया जा रहा है और शुद्ध सींग तेल व मसालों की गुणवत्ता के कारण लोग घंटों टोकन लेकर इंतजार करते हैं। स्थानीय लोगों के साथ-साथ अन्य राज्यों से आकर बसे लोग भी गुजरात की इस परंपरा में शामिल हुए।