अयोध्या में राम नवमी के पावन अवसर पर, राम मंदिर के गर्भगृह में विराजमान रामलला का दिव्य 'सूर्य तिलक' संपन्न हुआ. दोपहर ठीक 12 बजे, लगभग चार से पांच मिनट के लिए सूर्य की किरणें वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत सीधे रामलला के मस्तक पर पड़ीं, जिससे उनका ललाट प्रकाशमान हो गया. इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान, पीतांबर वस्त्र धारण किए हुए रामलला के समक्ष शुक्ल यजुर्वेद के पुरुष सूक्त का पाठ किया गया. बादलों की मौजूदगी के बावजूद, तिलक के समय सूर्य देव प्रकट हुए. इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जिनके लिए मंदिर परिसर में विशेष डिस्प्ले स्क्रीन लगाई गई थीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस आयोजन को टेलीविजन पर देखा. इस अवसर पर कर्नाटक की सांस्कृतिक टीम द्वारा प्रस्तुति और भजन-कीर्तन भी हुए, जिसमें उज्बेकिस्तान सहित कई देशों के पर्यटक भी शामिल हुए.