रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में पहला भव्य राम जन्मोत्सव मनाया गया, जिसका मुख्य आकर्षण रामलला का 'सूर्य तिलक' रहा. दोपहर के समय सूर्य की किरणें विशेष ऑप्टिकल प्रणाली के माध्यम से रामलला के ललाट पर चार मिनट तक पड़ीं, जिससे एक दिव्य तिलक बना. इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे. रामलला ने पीतांबरी वस्त्र धारण किए और मंत्रोच्चार के बीच उनका अभिषेक किया गया. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और उत्सव का सीधा प्रसारण देखने के लिए जगह-जगह डिस्प्ले स्क्रीन लगाए गए थे. देशभर के मंदिरों में भी रामनवमी की धूम रही, विशेषकर पटना के महावीर मंदिर में जहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और विशेष नैवेद्यम तैयार किया गया.