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Ramayana Story: Sita खोज में Shabari आश्रम पहुंचे श्री राम, ऋष्यमुख पर्वत पर हनुमान से भेंट और सुग्रीव से मित्रता

Ramayana Story: पौराणिक प्रसंग के इस अंश में प्रभु श्री राम और लक्ष्मण द्वारा गंधर्व कबंध को श्राप से मुक्ति दिलाने का वर्णन है. मुक्ति के बाद उसने भगवान को मतंग ऋषि के आश्रम में तपस्विनी शबरी के पास जाने का मार्ग सुझाया. शबरी ने प्रभु श्री राम को अपने चखे हुए मीठे बेर खिलाए और पम्पा सरोवर के दक्षिण में ऋष्यमुख पर्वत पर वानर राज सुग्रीव से मिलने का परामर्श दिया. उधर ऋष्यमुख पर्वत पर सुग्रीव के निर्देश पर वीर हनुमान भेष बदलकर दोनों तपस्वी धनुर्धरों की परीक्षा लेने पहुंचे. जब लक्ष्मण ने प्रभु श्री राम का परिचय दिया, तब हनुमान ने उन्हें पहचान लिया और क्षमा याचना करते हुए स्वयं को उनका सेवक बताया. इसके बाद हनुमान ने माता जानकी की खोज के लिए श्री राम और सुग्रीव की मित्रता को अत्यंत हितकारी बताते हुए प्रभु को सुग्रीव के समक्ष प्रस्तुत किया.