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Ramayana Story: Bali के वध के बाद Lanka पहुंचे हनुमान, माता सीता को सौंपी श्रीराम की मुद्रिका

Ramayana Story: रामायण के इस प्रसंग में श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता, बाली वध और हनुमान जी के लंका पहुंचने का विवरण प्रस्तुत किया गया है. सुग्रीव ने माता जानकी की खोज में सहायता का वचन दिया, जिसके बाद श्रीराम ने अधर्म का नाश करने के लिए बाली का वध किया. बाली ने अपने अहंकार को स्वीकार करते हुए अपने पुत्र अंगद को प्रभु की शरण में सौंप दिया. इसके पश्चात माता सीता की खोज में वानर सेना दक्षिण दिशा की ओर प्रस्थान करती है. जामवंत द्वारा अपनी शक्तियों का स्मरण कराए जाने पर हनुमान जी विशाल समुद्र को पार कर लंका पहुंचते हैं. अशोक वाटिका में पहुंचकर हनुमान जी माता सीता को श्रीराम की मुद्रिका सौंपते हैं और उन्हें प्रभु के विरह और प्रेम से अवगत कराते हैं. माता सीता अपनी चूड़ामणि देते हुए स्पष्ट करती हैं कि प्रभु श्रीराम रावण का अहंकार तोड़कर ही उन्हें ससम्मान वापस ले जाएंगे.