रंगभरी एकादशी के शुभ अवसर पर काशी, मथुरा, अयोध्या और हरिद्वार में भव्य होली उत्सव मनाया गया। काशी में बाबा विश्वनाथ और मां पार्वती की शोभायात्रा निकाली गई और महाशमशान हरिश्चंद्र घाट पर चिता भस्म से होली खेली गई। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव मां पार्वती का गौना कराकर काशी लाए थे और अपने गणों के साथ श्मशान पर होली खेली थी। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में विश्व प्रसिद्ध फूलों वाली होली का आयोजन हुआ। ब्रज की चालीस दिवसीय होली का उल्लास चरम पर रहा। अयोध्या में हनुमानगढ़ी से संतों ने हुड़दंग होली खेली और पंचकोसी परिक्रमा के लिए निकले। हरिद्वार के जूना अखाड़े में संतों ने गाय के गोबर और पंचगव्य से अनोखी होली खेली। रंगभरी एकादशी से देशभर में होली के पांच दिवसीय उत्सव की औपचारिक शुरुआत हो गई।