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इंडोनेशिया के बाली में सनातन संस्कृति का गहरा प्रभाव, घर-घर में गणेश और संस्कृत से जुड़े शब्द

इंडोनेशिया के बाली द्वीप पर सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। यहां की भाषा में पचास प्रतिशत से अधिक शब्द संस्कृत के हैं। बाली की अस्सी प्रतिशत से अधिक आबादी हिंदू धर्म का पालन करती है और अन्य धर्मों के लोग भी सनातन परंपराओं का सम्मान करते हैं। यहां नववर्ष के अवसर पर 'नेपी' त्योहार मनाया जाता है, जिसमें लोग लगभग बारह से चौबीस घंटे का मौन व्रत धारण करते हैं। इस दौरान हवाई अड्डे का संचालन भी बंद रहता है। बाली में हर घर के बाहर गणेश जी की प्रतिमा और पूजा स्थल देखने को मिलते हैं। प्राचीन मंदिरों की समृद्ध श्रृंखला यहां भारतीय संस्कृति की जीवंतता को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, जीवन में शांति प्राप्त करने के लिए ईश्वर को बाहर खोजने के बजाय अपने मन और आत्मा के भीतर खोजने पर बल दिया गया है। विचारों की शुद्धि और मन की स्वच्छता से ही व्यक्ति सच्चा सुख तथा प्रसन्नता प्राप्त कर सकता है।